कोझिकोड (केरल), 15 अगस्त (भाषा) कोझिकोड नगर निगम कार्यालय में शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों द्वारा 'वंदे मातरम' गाए जाने के समय वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के पार्षदों ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाना शुरू कर दिया।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का आयोजन कोझिकोड नगर निगम के महापौर ओ. सदाशिवन के नेतृत्व में किया गया था।
राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद जैसे ही भाजपा के 13 पार्षदों ने 'वंदे मातरम' गाना शुरू किया तभी एलडीएफ और यूडीएफ के पार्षदों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया।
भाजपा पार्षदों ने 'वंदे मातरम' गाना जारी रखा जबकि एलडीएफ और यूडीएफ के पार्षद राष्ट्रगान पूरा करके वहां से चले गए और उन्होंने 'वंदे मातरम' नहीं गाया।
कोझिकोड नगर निगम में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले एलडीएफ के 35 पार्षद, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के 28 पार्षद और भाजपा के 13 पार्षद हैं।
भाजपा पार्षदों ने संवाददाताओं से कहा कि महापौर और उप महापौर ने अपने आचरण से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अनादर किया है।
पार्षदों ने कहा, 'वंदे मातरम को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है। हमने महापौर से कहा था कि वंदे मातरम गाया जाना चाहिए। लेकिन जब हमने वंदे मातरम गाना शुरू किया, तो उन्होंने राष्ट्रगान शुरू कर दिया।'
उन्होंने बताया कि उन्होंने वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया और फिर स्थल से जाने से पहले राष्ट्रगान भी गाया।
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया, ‘‘ हम देश के खिलाफ आचरण करने वाले महापौर और उप महापौर के खिलाफ कानूनी कदम उठाएंगे। वामपंथियों ने कभी स्वतंत्रता दिवस को स्वीकार नहीं किया और कांग्रेस कट्टरपंथी तत्वों के डर से वंदे मातरम का विरोध कर रही है।'
दूसरी ओर, महापौर ओ. सदाशिवन ने कहा कि भाजपा पार्षदों ने वंदे मातरम गाने की अनुमति मांगने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया था।
उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम गाना हमारी कार्यसूची का हिस्सा ही नहीं था। उन्होंने बिना कोई पूर्व सूचना के बीच में ही वंदे मातरम गाना शुरू कर दिया।'
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में मौजूद किसी भी अन्य पार्षद ने भाजपा सदस्यों को वंदे मातरम गाने से नहीं रोका।
सदाशिवन ने कहा, 'विवाद तब पैदा होता है जब कोई किसी को वंदे मातरम गाने से रोके। हमने उन्हें गाना गाने से नहीं रोका था।'
तिरुवनंतपुरम में आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी 'वंदे मातरम' नहीं गाया गया था, जहां मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
भाषा सुमित शोभना
शोभना