नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शनिवार को कांग्रेस पर अपने मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताकर ‘‘सार्वजनिक रूप से भारत का अपमान’’ करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की।
कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। पार्टी ने कहा कि सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी को लेकर कह रही थीं, क्योंकि वह काफी समय से खड़े थे।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कांग्रेस पर ‘‘तुष्टिकरण और विभाजनकारी सोच’’ दिखाने का आरोप लगाया।
बंसल ने आरोप लगाया, ‘‘एक ओर 80 साल बाद पहली बार संसद और लाल किले की प्राचीर से पूरा वंदे मातरम् गूंजा, वहीं दूसरी ओर वही कांग्रेस, जिसने 1937 में मुस्लिम लीग के सामने झुककर वंदे मातरम् को टुकड़ों में बांट दिया था, उसने एक बार फिर उसी तुष्टिकरण और विभाजनकारी सोच का प्रदर्शन करते हुए वंदे मातरम् का अपमान किया।’’
उन्होंने कहा कि यह ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि यह ‘‘अपमान’’ दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हुआ और इसमें सोनिया गांधी, खरगे तथा राहुल गांधी शामिल थे।
बंसल ने कहा, ‘‘यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में यह अपमान किया गया। यह किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने किया, जो नियमित रूप से संविधान की प्रति लेकर चलते हैं और लोकतंत्र की बात करते हैं।’’
बंसल ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत को उसके मूल रूप में गाने से इनकार करना देश को बांटने के प्रयास का हिस्सा है। विहिप के प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने इसे मूल रूप में गाने से इनकार कर बार-बार देश को विभाजित करने और उसकी एकता व अखंडता को कमजोर करने की साजिश रची है।’’
भाषा आशीष दिलीप
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