वडोदरा, 15 अगस्त (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजना बनाने का शनिवार को आह्वान किया और कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब केवल दो दशक बचे हैं।
वह वडोदरा के मंजलपुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रध्वज फहराने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, 'भारत को आजादी के 100 वर्ष पूरे होने में अब सिर्फ 20 साल शेष हैं। पांच साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा था। अब इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल दो दशक बचे हैं। इसलिए 80वां स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि अगले 20 वर्षों की योजना बनाने के लिए प्रेरणा का स्रोत है।'
संघवी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को याद करते हुए महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को स्मरण किया।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में गायकवाड़ शासन और वडोदरा शहर के योगदान को भी याद किया।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार संघवी ने कहा कि राज्य सरकार समृद्ध और विकसित गुजरात के निर्माण के लिए काम कर रही है और आदिवासी समुदायों से लेकर शहरी निवासियों तक तथा बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, सभी के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
संघवी ने कहा कि जनजातीय विकास पहल के तहत वडोदरा और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों के लिए तीन नए सरकारी छात्रावास बनाए जाएंगे, जबकि मौजूदा छात्रावासों की क्षमता भी बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं।
संघवी ने कहा, “संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों के लिए पांच आश्रय स्थलों को मंजूरी दी गई है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकार ने किसानों पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले 10 वर्षों में 1.36 करोड़ किसानों को राहत सहायता प्रदान की गई है।”
उन्होंने कहा कि उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में गुजरात देश के लिए एक आदर्श राज्य है और सरकार सरकारी तथा निजी, दोनों क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उन सभी तरह की हानिकारक आदतों और नशे से दूर रहें, जिन्हें कभी-कभी ‘फैशनेबल’ के रूप में पेश किया जाता है। उन्होंने सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने को लेकर युवाओं की सराहना भी की।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश