नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) ‘सूर्यपथ तिरंगा’ -- अपनी तरह की एक अनोखी पहल है जिसमें पूरब से पश्चिम तक कई भारतीय मिशन शामिल हैं। इसके तहत तिरंगे की तस्वीरों को अलग-अलग टाइम जोन में “डिजिटल रूप से प्रसारित” किया जा रहा है। इस पहल की शुरुआत शनिवार को फिजी में भारत के उच्चायोग से देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की गई।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान प्रतीकात्मक रूप से अलग-अलग टाइम जोन में उगते सूरज की यात्रा को दर्शाता है और महाद्वीपों तक भारत की आजादी, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को पहुंचाता है।
फिजी में भारत के उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सूरज की पहली किरणों के साथ, फिजी के सुवा में सबसे पहले भारतीय झंडा फहराया गया। इसके साथ ही ग्लोबल तिरंगा रिले ‘सूर्य पथ तिरंगा’ की शुरुआत हुई - यह एक प्रतीकात्मक यात्रा है जो भारत के स्वतंत्रता दिवस की भावना को पूरी दुनिया तक पहुँचाती है।”
फिजी में भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे (स्थानीय समय के अनुसार सुबह आठ बजे) हुई, जहां उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने सुवा स्थित ‘इंडिया हाउस’ में तिरंगा फहराया।
दिल्ली के लाल किला परिसर में होने वाले मुख्य समारोह से कई घंटे पहले, फिजी में हुए जश्न की कुछ तस्वीरें सुवा स्थित भारतीय मिशन ने भी साझा कीं।
अन्य भारतीय मिशन भी इसी तरह का खास मौके को मनाएंगे; वे अपने-अपने देशों में झंडा फहराएंगे और फिर तय किए गए अभियान में अगले मिशन को पोस्ट में संलग्न करेंगे। इस अभियान की घोषणा भारत सरकार ने सात अगस्त को की थी।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, “उगते सूरज के रास्ते पर चलते हुए “सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले’ शुरू हो गया है। सूर्य पथ तिरंगा वैश्विक अभियान जारी है, जो भारत के स्वतंत्रता दिवस का एक अनोखा वैश्विक जश्न है, जिसमें तिरंगा उगते सूरज के पथ पर चलते हुए दुनिया भर की यात्रा कर रहा है।”
इसमें कहा गया, “भारतीय समयानुसार देर रात 1:30 बजे से रात 10:30 बजे तक आज पूर्वी से पश्चिमी देशों में स्थित 21 भारतीय दूतावासों और चौकियों ने वैश्विक ध्वजारोहण अभियान के तहत तिरंगा फहराया। यह पहल प्रतीकात्मक रूप से विभिन्न क्षेत्रों में उगते सूरज की यात्रा का अनुसरण करते हुए भारत की स्वतंत्रता, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को महाद्वीपों तक ले जाती है।”
यह पहल हर घर तिरंगा 2026 समारोह के हिस्से के रूप में की जा रही है और इस संदेश को पुष्ट करती है कि तिरंगा भौगोलिक सीमाओं से परे है। यह दुनिया भर में भारतीयों और भारत के मित्रों को एक साथ लाता है।
‘सूर्यपथ तिरंगा’ के तहत, चुनिंदा भारतीय दूतावासों और चौकियों पर समन्वित क्रम में ध्वजारोहण के माध्यम से तिरंगा विश्व भर में यात्रा करता है। जैसे ही दुनिया के किसी एक हिस्से में सूर्योदय होता है, वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, और फिर पश्चिम में स्थित अगले दूतावास या चौकी पर ध्वजारोहण होता है। इस प्रकार विश्व भर में तिरंगा की एक निरंतर शृंखला चलती रहती है।
भाषा प्रशांत माधव
माधव