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खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक के खिलाफ बीजद की कानूनी कार्रवाई, प्रदर्शन की तैयारी

भुवनेश्वर, 15 अगस्त (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) ने संसद में ‘खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक’ पारित किए जाने के विरोध में कानूनी कार्रवाई करने के साथ सार्वजनिक प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। पार्टी का तर्क है कि यह कानून ओडिशा की वित्तीय स्वायत्तता के लिए खतरा है।

खनिज अधिकारों और खनिज वाली भूमि पर कर लगाने की राज्यों की शक्तियों को सीमित करने का प्रावधान वाला विधेयक बुधवार को लोकसभा में और बृहस्पतिवार को राज्यसभा में पारित हो गया। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।

केंद्र सरकार ने तर्क दिया है कि इस कानून का मकसद राज्यों की स्वायत्तता या राजस्व अधिकारों में दखल देना नहीं है, बल्कि पूरे देश में खनिजों की एक समान दरें सुनिश्चित करना है।

पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक की अध्यक्षता में बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति की शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में पार्टी ने कहा कि इस कानून को लागू करने से ओडिशा जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को भारी राजस्व का नुकसान होगा और उनके विकास के एजेंडे में रुकावट आएगी।

पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को भी पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस विधेयक का विरोध करने वाला प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं और इस मामले पर सभी दलों के बीच आम सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक भी करें।

पटनायक ने कहा कि यह विधेयक खनिज अधिकारों और खनिज वाली जमीनों पर कर लगाने के राज्यों के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश करता है।

बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने राज्य की भाजपा सरकार और उसके 20 सांसदों द्वारा ऐसे विधेयक का समर्थन करने पर चिंता जताई, जो “राज्य के हितों के खिलाफ” हैं। उन्होंने कहा, “अगर यह कानून लागू होता है, तो राज्य के खजाने को कम से कम 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।”

बीजद ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “पार्टी ने चिंता जताई है कि हाल ही में मंजूर हुआ ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक’ ओडिशा को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचाएगा। बीजद कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक प्रदर्शन, दोनों ही तरीके अपनाने की योजना बना रही है।”

भाषा प्रशांत संतोष

संतोष