रांची, 15 अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को कहा कि नौकरी के आकांक्षियों की कड़ी मेहनत को प्रश्नपत्र लीक माफिया, भ्रष्टाचार या अनियमितताओं के रहम पर नहीं छोड़ा जाएगा, और राज्य की भर्ती एजेंसियों के माध्यम से उनके लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
राज्य की भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहने के बीच स्वतंत्रता दिवस के भाषण में सोरेन का यह आश्वासन आया।
उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड के लाखों युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता अपनी सीमाओं से बाहर जाकर उन्हें पढ़ा रहे हैं। इसलिए, उनकी कड़ी मेहनत का सम्मान करना और उनकी प्रतिभा को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।’’
सोरेन ने कहा, ‘‘हाल ही में भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। जब संदेह पैदा होता है, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी पीढ़ी का विश्वास डगमगा जाता है। मैं झारखंड के हर छात्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनकी कड़ी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट व्यवस्था या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।’’
भर्ती परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शनों और नौकरी चाहने वालों की बढ़ती चिंताओं के बीच सोरेन ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होना एक राष्ट्रीय समस्या बन गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरे देश के सामने एक गंभीर चुनौती है। हालांकि, मैं यह भी स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि अन्य राज्यों में जो हुआ है, वह झारखंड की जिम्मेदारी को कम नहीं करता।’’
सोरेन ने कहा कि कथित अनियमितताओं की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिना सबूत के किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया जाएगा। सोरेन ने भविष्य में परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए व्यवस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, ‘‘केवल दोषियों को पकड़ना ही समाधान नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए हमने व्यवस्थागत बदलाव लाने का फैसला किया है। जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति से कानून सख्ती से निपटेगा। चाहे कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि उसकी संलिप्तता साबित होती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, हम बिना सबूत के किसी को दोषी ठहराने की राजनीति नहीं करेंगे। न्याय होगा और वह निष्पक्ष होगा।’’
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सुमित नेत्रपाल
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