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नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शनिवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस दौरान संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों समेत विभिन्न नेताओं ने अपने अपने राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं को रेखांकित किया।
जातीय हिंसा का सामना कर रहे राज्य मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य में विकास का रास्ता शांति से तय होता है।
उन्होंने इंफाल में फर्स्ट मणिपुर राइफल्स मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कहा कि अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और विनिर्माण उद्योगों के क्षेत्र में भारत दुनिया के सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले देशों में से एक है।
सिंह ने कहा, ‘‘मणिपुर के विकास का रास्ता शांति से तय होता है। केंद्र सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी की जा रही है। विकास के लिए शांति सबसे जरूरी है।’’
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य की राजधानी अगरतला में असम राइफल्स मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरकार ने कहा कि उनकी सरकार लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए राज्य में कई प्रमुख योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। केवल छह वर्षों में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) दोगुना हो गया है और प्रति व्यक्ति आय लगभग राष्ट्रीय औसत तक पहुंच गई है।’’
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य की राजधानी आइजोल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य और अन्य जरूरी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करना उनकी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही लोगों की आजीविका सुधारना और पूरे मिजोरम में संतुलित विकास सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘हम मजबूत शासन व्यवस्था और आत्मनिर्भर, अधिक विकसित राज्य बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। साथ ही लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी काम कर रहे हैं। खाद्य और अन्य जरूरी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए हमारी मुख्य सोच पहले भी और आगे भी ‘जनता की सरकार’ बनाने की रही है, जिसमें नयी सोच और नया तरीका अपनाया जाएगा।’’
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने राज्य की राजधानी शिलांग में पोलो ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने तीन बुनियादी बातों पर ध्यान केंद्रित किया है- ‘‘अपनी भूमि की रक्षा व संरक्षण, अपने लोगों को सशक्त बनाना और अपनी संस्कृति को बरकरार रखना।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर क्षेत्र में अच्छे परिणामों के लिए मजबूत नींव रखी गई है। आठ साल पहले जहां हम खड़े थे, वहां से अब तक हमने काफी लंबा सफर तय किया है। आज के मेघालय और आगे की राह को देखकर मुझे वास्तव में संतोष होता है।’’
नगालैंड में भी हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने एकता बनाए रखने और लंबे समय से चले आ रहे नगा राजनीतिक मुद्दे के जल्द एवं सम्मानजनक समाधान का आह्वान किया।
रियो ने कोहिमा में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नगा राजनीतिक मुद्दा अभी भी हल नहीं हुआ है और लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘‘सम्मानजनक और स्वीकार्य समाधान’’ के लिए सक्रिय सहयोगी की भूमिका निभाती रहेगी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय चार लाख रुपये से अधिक रही, जो राष्ट्रीय औसत से करीब 91 प्रतिशत ज्यादा है।
उन्होंने हैदराबाद के ऐतिहासिक गोलकुंडा किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने संबोधन में कहा, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में हमारे राज्य की प्रति व्यक्ति आय 4,18,931 रुपये है। तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 91 प्रतिशत अधिक है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।’’
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस अवसर पर राज्य के लोगों से 2047 तक देश और राज्य को नंबर एक बनाने के लिए काम करने का आह्वान किया।
अमरावती के ग्रीनफील्ड राजधानी शहर के नेलापाडु गांव स्थित परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आइए, 2047 तक देश और राज्य को नंबर एक बनाने के लिए काम करें... 80 साल पहले हमने आजादी हासिल की थी और अब अगले 20 वर्षों में दुनिया में आगे बढ़ने के लिए काम करें।’’
केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक पर भी राष्ट्रध्वज फहराया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराने और एक मजबूत, समावेशी तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में काम करने का अवसर है।
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने गांधी चौक पर तिरंगा फहराने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने ‘कारोबार सुगमता’ योजना लागू करने के लिए पहले ही अधिसूचना जारी कर दी है।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को सरकारी विभागों से सेवाएं तय समयसीमा में मिल सकें।
रंगासामी ने कहा कि पूंजी निवेश, ब्याज, बिजली और विनिर्माण मशीनों पर सब्सिडी देने वाली योजनाओं के लागू होने से बड़ी संख्या में उद्यमी आकर्षित हुए हैं।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार अगले छह महीने में 6,000 से 8,000 अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित करेगी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में भर्ती के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अगले छह महीने में 6,000 से 8,000 अतिरिक्त नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराएगी।’’
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, साहस और योगदान को याद करने का अवसर है।
गहलोत 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने और महात्मा गांधी तथा भारतीय संविधान के निर्माता बी. आर. आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्रता दिवस उन महान नेताओं और अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के अटूट साहस, बलिदान और योगदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।’’
भाषा जोहेब नेत्रपाल
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