चंडीगढ़, 15 अगस्त (भाषा) चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आवास की ओर मार्च के दौरान बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारी सिख कैदियों और जगतार सिंह हवारा की रिहाई की मांग कर रहे हैं। हवारा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए और कुछ ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल करके उन्हें गिराने की कोशिश की, क्योंकि वे चंडीगढ़ में ‘लोक भवन’ की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारियों को ‘लोक भवन’ तक पहुंचने से रोकने के लिए चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस ने कंटीले तारों वाली कई परतों वाले बैरिकेड लगाए और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए, जिसमें द्रुत कार्यबल के जवान भी शामिल थे।
‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने राज्यपाल आवास तक मार्च करने का आह्वान किया था। मोर्चे का दावा है कि सजा पूरी होने के बावजूद कई सिख कैदी अलग-अलग जेलों में बंद हैं।
‘बंदी सिंह’ शब्द का इस्तेमाल उन सिख कैदियों के लिए किया जाता है, जिन्हें 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौरान उग्रवादी गतिविधियों में संलिप्तता के लिए दोषी ठहराया गया था।
सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा 7 जनवरी, 2023 से चंडीगढ़ के सेक्टर 52-53 और मोहाली के वाईपीएस चौक के आसपास धरना देकर घेराव किए हुए है।
भाषा शफीक पवनेश
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