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प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं तक पहुंच बनाने का प्रयास: 50 से अधिक बार जिक्र, कई अवसरों का उल्लेख

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से शनिवार को कई घोषणाएं कीं। इनमें निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल विकास कार्यक्रम, खेल प्रतिभाओं की खोज और नागरिक सुरक्षा नेटवर्क के विस्तार जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने विनिर्माण, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों का भी उल्लेख किया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 75 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं का 52 बार जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के लिए युवा शक्ति, साथियों, नौजवान और युवा जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

प्रधानमंत्री ने युवा शब्द का इस्तेमाल 20 बार किया, जिसमें पांच बार युवा शक्ति और युवा सामर्थ्य जैसे शब्दों के जरिए युवाओं की ताकत का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं को 22 बार नौजवानों और 10 बार साथियों कहकर भी संबोधित किया।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम यह लगातार 13वां संबोधन ऐसे समय में हुआ, जब कुछ सप्ताह पहले देश में व्यापक युवा विरोध प्रदर्शन हुए थे और इसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। इस संदर्भ में उनके संबोधन पर खास नजर रही।

प्रधानमंत्री ने देश के भविष्य को आकार देने में युवा पीढ़ी की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं से समाज और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता, नवाचार, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, साइबर सुरक्षा और नशामुक्त भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कई बार देश के युवाओं का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और आकांक्षाओं को अपने व्यापक ‘‘विकसित भारत’’ के दृष्टिकोण से जोड़ते हुए उनसे भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।

मोदी के संबोधन के बाद भाजपा ने कहा कि ‘‘जेन अल्फा और प्रधानमंत्री मोदी के बीच एक अनोखा संबंध है।’’

‘जेन अल्फा’ आम तौर पर उन बच्चों और युवाओं की पीढ़ी को कहा जाता है, जिनका जन्म 2010 से 2024 के बीच हुआ है।

प्रधानमंत्री के लाल किले के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल छात्रों से बातचीत का वीडियो साझा करते हुए भाजपा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जब उन्हें लाल किले पर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका मिला तो ‘जेन अल्फा’ के बच्चों में उनसे हाथ मिलाने की होड़ लग गई। यह केवल उत्साह नहीं है, बल्कि यह नए भारत के युवाओं और देश के नेतृत्व के बीच बढ़ते जुड़ाव की झलक है।’’

पिछले महीने देश में नीट-यूजी पेपर लीक और कोचिंग व्यवस्था की समस्याओं से निपटने के तरीकों समेत शिक्षा सुधारों को लेकर युवाओं का बड़ा आंदोलन हुआ था।

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ अभियान के तहत व्यापक प्रदर्शन हुए, जिससे युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।

स्टार्ट-अप और एआई से लेकर विनिर्माण और नवाचार तक, प्रधानमंत्री मोदी ने उन क्षेत्रों का उल्लेख किया जहां युवा भारतीय बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप अवसर पैदा करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘कोचिंग कक्षाएं गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों पर बोझ डालती हैं। हम विभिन्न परीक्षाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इन परिवारों को भरोसा दिलाते हैं कि वे कोचिंग पर खर्च होने वाले ‘‘हजारों करोड़ रुपये’’ बचा सकेंगे, अपने बच्चों के करीब रह सकेंगे और उनकी देखभाल कर सकेंगे।

मोदी ने कहा, ‘‘इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला किया है। हमारे पास डिजिटल सार्वजनिक ढांचा है, हमारे पास बेहतरीन प्रतिभाएं और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को एक साथ जोड़कर हम देश के युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने के लिए एक संपूर्ण नेटवर्क तैयार करेंगे।’’

प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘कोचिंग कक्षाएं गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों पर बोझ डालती हैं। हम विभिन्न परीक्षाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएंगे।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया और परिवारों से 100 दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘नशे की लत देश और उसके युवाओं के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनती जा रही है। भारत को नशामुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।’’

खेलों के बारे में मोदी ने कहा, ‘‘हमने फैसला किया है कि 2036 में हमें कम से कम तीन-चौथाई खेल स्पर्धाओं में भागीदारी करनी चाहिए। हम देश के हर कोने से प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’’

नागरिक सुरक्षा पर मोदी ने मौजूदा चुनौतियों से निपटने और संकट के समय नागरिकों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए इसे आधुनिक बनाने की योजना की घोषणा की।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में विकसित किए गए नागरिक सुरक्षा तंत्र को पहले ही अमल में लाया जा चुका है। इसलिए आज लाल किले से मैं घोषणा करता हूं कि आने वाले दिनों में हम नागरिक सुरक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण करेंगे और एक आधुनिक ढांचा लागू करेंगे।’’

मोदी ने घोषणा की कि सरकार एक व्यापक नागरिक सुरक्षा कार्यक्रम विकसित करेगी, जो आधुनिक चुनौतियों से निपटने और मौजूदा संकटों से नागरिकों की सुरक्षा करने में सक्षम होगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया है। तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने इस साल ‘क्रिटिकल’ अवस्था हासिल कर ली है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसी दिशा में हमने पहले ही कदम उठाए हैं। हमने संसद में शांति अधिनियम पारित किया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।’’

भारत ने पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित करने का लक्ष्य भी तय किया है।

भाषा आशीष माधव

माधव