बेंगलुरु, 15 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने राज्यभर के विद्यालयों में कृत्रिम मेधा (एआई) की शिक्षा शुरू करने और विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘एआई अक्षर अभियान’ एवं ‘कोडिंग गुरुकुल’ कार्यक्रम की शनिवार को घोषणा की।
शिवकुमार ने यहां ‘फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ परेड ग्राउंड’ में स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम अब प्रौद्योगिकी के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। ‘एआई अभियानद्ध और ‘कोडिंग गुरुकुल’- यह आपका युग है, एक नया युग।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं ‘एआई अक्षर अभियान और कोडिंग गुरुकुल’ नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की घोषणा कर रहा हूं।’’
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी विद्यालयों में छठी कक्षा से एआई की शिक्षा शुरू की जाएगी।
शिवकुमार ने कहा कि सरकार बेंगलुरु में भारत का पहला सरकारी एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए गठित विशेषज्ञ समिति दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
कर्नाटक के लिए अपनी परिकल्पना का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने कहा कि ‘युवा कर्नाटक, नया भारत’ उनकी सरकार का नारा है और राज्य ने 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 320 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
शिवकुमार ने छह महीने के भीतर करीब 72,000 सरकारी रिक्त पदों को भरने, निजी क्षेत्र में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए ‘उद्योग सेतु’ एवं ‘उद्योग निधि’ कार्यक्रम समेत युवाओं और रोजगार पर केंद्रित कई कदमों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए ‘सहाय हस्त/होसा हस्त’ योजना लागू करेगी और चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग समेत व्यावसायिक उच्च शिक्षा में ग्रामीण सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को 7.5 प्रतिशत आरक्षण देगी।
शिवकुमार ने कहा कि जल सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और 16,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 112 बड़ी जलाशय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
भाषा सिम्मी दिलीप
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