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मध्यप्रदेश में भेदभाव खत्म कर सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी समान नागरिक संहिता : मोहन यादव

(फोटो के साथ)

भोपाल, 15 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार संविधान की भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेगी।

उन्होंने कहा कि एक समान कानूनी व्यवस्था भेदभावपूर्ण प्रथाओं को समाप्त करेगी और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहां लाल परेड मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यादव ने सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस के कारण राज्य नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्रीकृष्ण तक समानता का संदेश दिया गया है। भारतीय संविधान की इसी मूल भावना के अनुरूप हम एक ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं। हम मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘एक देश, एक संविधान, एक प्रमुख और एक ध्वज’’ की भावना को जमीन पर उतारते हुए सभी के लिए समान कानून लाया जा रहा है।

यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता एक ओर जहां भेदभावपूर्ण प्रथाओं को समाप्त करेगी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाने में मदद भी करेगी।

मध्यप्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई को विपक्षी कांग्रेस के हंगामे के बीच ध्वनिमत से ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026’ पारित किया था। इस कानून में बहुविवाह पर रोक लगाने और लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, जनजातीय समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा जवानों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मध्यप्रदेश की जनता की ओर से उन पुलिसकर्मियों और अन्य बहादुर जवानों को नमन करता हूं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इन्हीं वीर जवानों के कारण राज्य ने नक्सल मुक्त होने का गौरव हासिल किया है।’’

यादव ने कहा कि राज्य में 18 अगस्त से संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार मध्यप्रदेश को देश की दुग्ध राजधानी बनाने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में प्रतिदिन 12 लाख लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है और दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर आठ रुपये से अधिक का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा कीमतों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय में पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने तीन वर्ष की ‘रोलिंग बजट’ व्यवस्था की अवधारणा लागू की है।

यादव ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति गोपालक दीदी योजना’ को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि नस्ल सुधार और पशुपालन के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध होकर लखपति बनने का सपना पूरा कर सकती हैं।

यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना करीब 1.25 करोड़ बहनों के जीवन को सशक्त बनाने का माध्यम बनी है, जबकि राज्य में 53.55 लाख से अधिक बेटियां लाडली लक्ष्मी योजना से जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने मत्स्य पालन नीति 2026 लागू की है, जिसके तहत एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनी के साथ 7,430 करोड़ रुपये के निवेश और खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है, ताकि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंच सके।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 44,600 करोड़ रुपये की केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात के लिए धन्यवाद दिया। यह देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है।

यादव ने कहा कि सरकार खेतों से लेकर कारखानों तक पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य में निवेश और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया, जबकि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष और वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास के लिए सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार के अवसर, स्टार्टअप सहायता और खेल एवं कला को केंद्र में रखते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में उद्यम पोर्टल पर 3.34 लाख से अधिक कारोबारी इकाइयों का पंजीकरण हुआ है, जिससे 33.80 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिले हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने सरकारी सेवाओं में 85 हजार से अधिक युवाओं की भर्ती की है और आने वाले समय में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।’’

यादव ने कहा कि अगले वर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रशिक्षण दिया जाएगा और हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्कों में प्रशिक्षण मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति 2025, स्टार्टअप नीति और अन्य योजनाएं लागू की हैं।

वर्तमान में राज्य में करीब 8,000 स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य स्टार्टअप की संख्या बढ़ाकर 12,000 से अधिक करना और हर जिले में कम से कम एक इनक्यूबेशन केंद्र स्थापित करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों में 1,000 नए चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और अगले छह महीनों में 1,000 अन्य चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी।

भाषा

दिमो रवि कांत