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मोइत्रा ने नादिया में सर्किट हाउस खाली करने के आदेश को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में प्रशासन द्वारा ‘सर्किट हाउस’ खाली करने के लिए कहे जाने के अगले दिन शनिवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर देश में महिला सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने की मांग की।

शुक्रवार रात भीड़ ने मोइत्रा से कृष्णानगर स्थित सर्किट हाउस को खाली करने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

कृष्णानगर मोइत्रा का संसदीय क्षेत्र है।

मोइत्रा का आरोप है कि नादिया प्रशासन ने उन्हें देर रात स्थानीय सर्किट हाउस खाली करने का आदेश दिया, जबकि शुरुआत में उन्हें राज्य सरकार की इस संपत्ति में एक कमरा आवंटित किया गया था।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद मोइत्रा ने कहा कि जब उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया, तो भीड़ ने सर्किट हाउस के बाहर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एक निर्वाचित सांसद के रूप में वह इस सुविधा का उपयोग करने की हकदार हैं।

मोइत्रा ने कहा कि वह शाम करीब 6.15 बजे सर्किट हाउस पहुंचीं, लेकिन रात 9.47 बजे उन्हें नादिया के अतिरिक्त जिलाधिकारी ने फोन किया और कहा कि उन्हें जगह खाली करनी होगी।

मोइत्रा ने बताया कि इसके बाद, रात 10.52 बजे उन्हें व्हाट्सऐप पर एक ‘‘आदेश’’ की प्रति मिली, जिसमें कहा गया कि ‘‘वार्षिक साफ-सफाई’’ की वजह से बुकिंग को बरकरार नहीं रखा जा सकता।

बिरला को लिखे पत्र में मोइत्रा ने कहा, ‘‘अकेले ठहरी एक महिला सांसद से रात 9:47 बजे उनके अधिकार वाले आवास को खाली करने के लिए कहना न केवल उनके अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि सत्तारूढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को दी जाने वाली सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है।’’

तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप इस मामले को तुरंत देखें तथा एक मिसाल कायम करने और देश भर की महिला सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला कोई भी महिला आरक्षण विधेयक तब तक मजाक ही है, जब तक आपका सम्मानित कार्यालय उन 74 महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकता, जिन्होंने इस सदन में आने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना किया है।’’

सांसद ने इस मामले के संबंध में अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘अंतर-संसदीय संघ’ (आईपीयू) से भी संपर्क किया।

उन्होंने आईपीयू को टैग करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं भारत में एक मौजूदा महिला सांसद हूं। सरकार ने मुझसे आधिकारिक गेस्ट हाउस में अपना कमरा रात 9:47 बजे और फिर रात 10:52 बजे खाली करने को कहा। जबकि दरवाजे के बाहर भाजपा समर्थक भीड़ मेरी जान लेने पर उतारू हुई। आजादी के दिन भारत में लोकतंत्र का यह हाल है।’’

विपक्षी सांसदों ने इस घटना पर चिंता जताई।

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बंगाल में यह क्या हो रहा है?’’

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मोइत्रा का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘लोकसभा अध्यक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह सांसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन है या नहीं।’’

माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने घटना की निंदा की और बिरला से दखल देने का आग्रह किया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह अस्वीकार्य और निंदनीय है। मौजूदा महिला सांसद महुआ मोइत्रा को रात करीब 10 बजे, खाना परोसे जाने के बाद, अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में सर्किट हाउस खाली करने का आदेश दिया जाता है, जबकि बाहर भीड़ ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाती है।’’

ब्रिटास ने कहा, ‘‘क्या यही महिलाओं का सम्मान करने का उनका दावा है? वही प्रधानमंत्री जो लालकिले से नारी शक्ति की बात करते हैं।’’

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल