तिरुवनंतपुरम, 15 अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने लोगों से संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि देश ऐसी खतरनाक स्थिति से गुजर रहा है जहां संवैधानिक मूल्यों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सतीशन ने यहां सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया।
केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद समारोह में ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया गया। ध्वजारोहण के दौरान भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई।
सतीशन ने विभिन्न टुकड़ियों का निरीक्षण किया और केरल पुलिस, आंध्र प्रदेश पुलिस, भारतीय रिजर्व बटालियन, केरल आबकारी विभाग, केरल मोटर वाहन विभाग, केरल वन विभाग, अग्निशमन एवं बचाव सेवा, कारागार विभाग, त्वरित प्रतिक्रिया एवं बचाव बल, सैनिक स्कूल, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और स्टूडेंट पुलिस कैडेट की मार्च करती टुकड़ियों की सलामी ली।
परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी ओ. अपर्णा ने किया।
उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य में हाल में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों को याद करते हुए की।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। हम हमेशा की तरह एकजुट होकर हर संकट से उबरेंगे। सरकार बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक वैज्ञानिक प्रणाली तैयार कर रही है। हम सभी के सहयोग से इसे लागू करेंगे।’’
सतीशन ने कहा कि देश ऐसी खतरनाक स्थिति देख रहा है जब धर्मनिरपेक्षता, समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कार्य करने की स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक मूल्यों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों को विशेष संरक्षण दिए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लिए बिना ऐसे वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता का अपमान किए जाने का उल्लेख किया, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई बार संवैधानिक पद संभाले हैं।
सतीशन ने कहा कि ऐसी घटनाएं देश को चिंताजनक संदेश देती हैं।
उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और संविधान तथा धर्मनिरपेक्षता, समानता, स्वतंत्रता, समाजवाद और लोकतांत्रिक अधिकारों के उसके सिद्धांतों के साथ-साथ भारत की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए काम करने का आह्वान किया।
सतीशन ने कहा कि मौजूदा दौर में महात्मा गांधी, बी.आर. आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद के आदर्शों एवं उनके बताए मार्ग का महत्व और बढ़ गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में युवा जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, वे इसका उदाहरण हैं। उनकी अनदेखी करना ऐसी गलती होगी, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। हमारे युवाओं में राजनीतिक समझ है। वे सब कुछ देखते, सुनते और समझते हैं। उनमें सुधार की ताकत बनने और भविष्य में स्पष्ट दृष्टि के साथ देश का नेतृत्व करने की क्षमता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस स्वतंत्रता दिवस पर हमें नए युग के केरल के लिए संकल्प लेना चाहिए। एक ऐसे केरल का उदय होना चाहिए जो करुणा, सेवा की भावना और सहिष्णुता से परिपूर्ण हो। नयी पीढ़ी और वरिष्ठ नागरिकों को साथ लेकर चलने की भावना, धर्मनिरपेक्षता को कायम रखते हुए प्रगतिशील विकास की पहल, संवैधानिक मूल्य और कड़ी मेहनत हमारी आगे की यात्रा का आधार बने।’’
सतीशन ने कहा, ‘‘लोकतंत्र निरंतर संवाद की प्रक्रिया है और विपक्ष, सवाल उठाने, खुले संवाद एवं सुधार से लोकतंत्र को नयी ऊर्जा मिलती है। लोकतंत्र का मतलब किसी एक ही तरह के इंसान को तैयार करना, एक भाषा, एक आस्था एवं एक जीवनशैली को बढ़ावा देना नहीं है और न ही इसका अर्थ नफरत के ऐसे द्वीप और सांप्रदायिकता के ऐसे अंधेरे कोने बनाना है, जो हर तरह की भिन्नता से डरते हों।’’
समारोह के दौरान सतीशन ने विभिन्न पुलिस पदक और वीरता पुरस्कार भी प्रदान किए।
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