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स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने का आह्वान किया

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी एवं ड्रोन प्रणाली जैसी उन्नत क्षमताओं में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए भारत को रक्षा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की वकालत की।

लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में मोदी ने देश के सामने मौजूद बाहरी और आंतरिक सुरक्षा खतरों का जिक्र किया और घोषणा की कि नागरिक सुरक्षा कर्मियों का एक व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र पर काम तेजी से प्रगति पर है।

मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को इस परियोजना की घोषणा की थी। सुदर्शन चक्र का उद्देश्य महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों की रक्षा के लिए भारत की वायु रक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना और दुश्मन के किसी भी खतरे का निर्णायक जवाब देना है।

पाकिस्तान और चीन से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों पर चिंताओं के बीच सशस्त्र बल इस परियोजना पर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की रणनीतिक ताकत को बढ़ाने के लिए घरेलू रक्षा उत्पादन का विस्तार महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनना होगा।’’

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकियों के उत्पादन में विशेषज्ञता हासिल करने के भारत के महत्व को रेखांकित किया।

मोदी ने देश में रक्षा उत्पादन की बढ़ती मात्रा का भी उल्लेख किया।

पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत पहल की हैं।

नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के घरेलू रक्षा उत्पादन की मात्रा वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो 2014 में 46,000 करोड़ रुपये थी।

आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

मोदी ने कोई समयसीमा बताए बिना कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 50 गुना बढ़ गया है और लगभग 100 देशों को भारतीय सैन्य हार्डवेयर और उपकरणों की आपूर्ति की जा रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि पिछले एक साल में 8.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सैन्य परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है क्योंकि मोदी सरकार सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र रंजन

रंजन