Breaking News

लखनऊ में आज UP टेक्निकल एजुकेशन परीक्षा, 52 केंद्रों पर दो शिफ्ट में होगा एग्जाम     |   नेपाल बाढ़ में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1369 पहुंचा     |   CM योगी आज चित्रकूट दौरे पर जाएंगे, 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को देंगे राहत सामग्री     |   झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन, हार्ट अटैक से गई जान     |   ग्रीस में एयर शो के दौरान F-4 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त, 2 लोगों की मौत     |  

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग सुविधा की घोषणा की

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की ताकि उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हो सके।

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ एक कोचिंग कक्षाएं एक बहुत बड़ा बोझ बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हर मां-बाप को लग रहा है कि कोचिंग क्लास में नहीं भेजा तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं। इन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता करते हैं। उनके बच्चे उनके आसपास रह कर पढ़ाई कर सकें और परिवार पर आर्थिक बोझ ना पड़े।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध करानेका हमने निर्णय लिया है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। हमारे पास उत्तम प्रतिभाएं हैं, शिक्षक हैं। इन सभी संसाधनों को जोड़कर के हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का एक पूरा नेटवर्क हम खड़ा करने वाले हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का युवा बचपन से ही प्रौद्योगिकी की दिशा में आकर्षित हो इसके लिए भी सरकार ने 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब छोटे-छोटे बच्चों के हवाले कर दिया ताकि वे नवोन्मेष और प्रौद्योगिक के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि आज देश में ढाई लाख से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप हैं और अब कृत्रिम मेघा के क्षेत्र में भी तेज गति से काम हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘लाल किले से मैं देश के नौजवानों के लिए घोषणा कर रहा हूं। हमने तय किया है आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई के लिए प्रशिक्षण देने का हम काम करेंगे ताकि हमारे देश का नौजवान एआई की दुनिया में भी नेतृत्व करने का सामर्थ्य दिखा सके।’’

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र रंजन

रंजन