नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2021 में मुंद्रा बंदरगाह से मादक पदार्थ बरामद होने के मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत बुधवार को दिल्ली में कई स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत राष्ट्रीय राजधानी में करीब पांच परिसरों पर छापे मारे जा रहे हैं। इनमें दिल्ली के कारोबारी हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार, शमशुद्दीन नामक एक व्यक्ति और कुछ अन्य लोगों के परिसर शामिल हैं।
दिल्ली में कई नाइट क्लब संचालित करने वाले तलवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मादक पदार्थ बरामदगी के मामले में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया था। गुजरात उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह हाल में जेल से बाहर आया था।
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा बंदरगाह से सितंबर 2021 में अफगानिस्तान की 2,988.21 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। यह दुनिया में मादक पदार्थों की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। डीआरआई भी ईडी की तरह केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन एक प्रवर्तन एजेंसी है।
अंतरराष्ट्रीय अवैध मादक पदार्थ बाजार में करीब 21,000 करोड़ रुपये मूल्य की यह खेप ईरान के रास्ते भारत के तट पर पहुंची थी।
ईडी ने 2021 में धनशोधन का मामला दर्ज किया था और ताजा छापेमारी कुछ नयी सूचनाओं के आधार पर की जा रही है। इनमें यह सूचना भी शामिल है कि मादक पदार्थों की तस्करी से मिले धन को दिल्ली के कुछ नाइट क्लब में कथित तौर पर निवेश किया गया था।
एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा था कि मादक पदार्थों के इस नेटवर्क से हुई कमाई का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया गया था।
संघीय आतंकवाद रोधी एजेंसी ने कहा था कि अर्ध-प्रसंस्कृत टाल्क पत्थरों के वैध आयात की आड़ में मादक पदार्थ (हेरोइन) की खेप भारत भेजने का यह एक परीक्षण था। टाल्क पत्थरों का कच्चे माल के रूप में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है।
भाषा सिम्मी मनीषा
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