देहरादून, 23 जून (भाषा) उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू स्थित गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिख चौथे दिन मंगलावार को नीचे उतर आए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि निहंगों को नीचे उतारने के लिए उनकी मांगे मानी गयीं या नहीं।
पुलिस ने बताया कि निहंग सिखों की कर्णप्रयाग घटना में दूसरे पक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग मान ली गयी है और निष्पक्ष जांच के लिए दोनों मुकदमों को हरिद्वार जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में निहंग सिख गुरुद्वारे से बाहर निकलकर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जाते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो में पुलिसकर्मियों को उन्हें सुरक्षित रूप से बाहर निकालने में मदद करते हुए देखा जा सकता है।
बदरीनाथ-राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गोचर के बीच स्थित नगरासू गुरुद्वारे में गतिरोध शनिवार शाम को उस समय शुरू हुआ था, जब निहंग सिखों का एक जत्था वहां पहुंचा और गुरुद्वारा प्रबंधन से हुए विवाद के बाद छत पर चढ़ गया।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि सभी निहंग छत से नीचे उतरकर चले गए हैं और संपूर्ण प्रकरण शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया है।
उन्होंने बताया, “निहंगों को बातचीत कर नीचे लाया गया। इसमें गुरुद्वारा प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सहयोग किया और मामले को शांतिपूर्वक तरीके से हल किया गया।”
मिश्रा ने किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि हेमकुंड साहिब और केदारनाथ की यात्रा सुचारू ढंग से चल रही है।
पुलिस ने बताया कि कर्णप्रयाग घटना के संबंध में घायल निहंग के पिता की तहरीर पर दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
कर्णप्रयाग में 16 जून को स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच मामूली विवाद के दौरान कथित तौर पर तलवार से किये गये हमले में कुछ लोग घायल हो गए थे।
घटना में एक निहंग सिख भी घायल हुआ था।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र