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आईडीएफसी फर्स्ट घोटाला: वरिष्ठ आईएएस अधिकारी 60 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी पंकज अग्रवाल को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के, हरियाणा सरकार के खातों से कथित तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

वर्ष 2000 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल 10 दिसंबर 2024 से 16 जून 2025 तक शिक्षा विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्हें 20 जून 2025 से इस वर्ष 24 मार्च तक कृषि विभाग में प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था।

आरोप हैं कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के खातों से धन की हेराफेरी की गई थी।

जांच में यह सामने आने के बाद अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई कि हरियाणा सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर 32 शाखा में खाते खोले गए थे और बाद में उन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि स्थानांतरित की गई थी।

सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘ये खाते पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे, तब वे प्रधान सचिव थे। जांच में यह सामने आया है कि इन विभागों के खातों में फर्जी लेन-देन के माध्यम से धनराशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को कुल 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।’’

यह मामला सीबीआई की उस व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से में कुल 657 करोड़ रुपये के कथित गबन की जांच की जा रही है।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि अवैध लेन-देन के कारण हरियाणा सरकार को कुल 504 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि चंडीगढ़ के मामले में यह नुकसान 153 करोड़ रुपये का है।

उन्होंने बताया कि अग्रवाल को मंगलवार को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई ने यह जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर अपने हाथ में ली थी।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ आपत्तिजनक और आपराधिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।’’

सीबीआई ने हरियाणा मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक/एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन सरकारी कर्मचारी, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा,‘‘ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर. के. सिंह, जिन्हें इस मामले में पंचकूला नगर निगम में धन के दुरुपयोग के संबंध में गिरफ्तार किया गया था, उन्हें पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’’

आईडीएफसी घोटाले से संबंधित मामले में सीबीआई चंडीगढ़ के दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है-एक चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा हुआ है, तथा दूसरा चंडीगढ़ सीआरईएसटी से संबंधित है।

सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, सीएससीएल मामले में सीबीआई ने पांच बैंक अधिकारियों, सीएससीएल के एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। वहीं, सीआरईएसटी मामले में पांच बैंक अधिकारियों, सीआरईएसटी के दो अधिकारियों, चार निजी व्यक्तियों और दो कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। इसके अलावा, सीआरईएसटी मामले में भारतीय वन सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा