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उडुपी: फर्जी दस्तावेजों के जरिए शिशु बेचने के आरोप में चिकित्सक सहित तीन गिरफ्तार

उडुपी (कर्नाटक), 23 जून (भाषा) कर्नाटक के उडुपी जिले में एक चिकित्सक सहित चार लोगों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर कानूनी तरीके से गोद लेने की प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए एक महीने की बच्ची को निःसंतान दंपति को कथित रूप से अवैध तरीके से गोद दिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आरोपियों की पहचान कामत नर्सिंग होम के मालिक डॉ. के. सुरेंद्र कामत, कथित रूप से बच्ची को गोल लेने वाले संतेकट्टे निवासी एस. प्रकाश, तथा संपत और सुप्रीति के रूप में हुई है, जिन पर बच्ची को गलत तरीके से गोद दिलाने में मदद करने का आरोप है।

उडुपी के पुलिस अधीक्षक हरिराम शंकर के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली कि एक दंपति वैध तरीके से गोद लेने के दस्तावेजों के बिना एक शिशु का पालन-पोषण कर रहा है।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद उनके घर पर निरीक्षण किया गया, जिसमें संदेह उत्पन्न हुआ और विस्तृत जांच शुरू की गई।

पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि प्रकाश और उनकी पत्नी की शादी को 11 साल हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी और वे कामत नर्सिंग होम में इलाज करवा रहे थे। इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर बच्ची की उपलब्धता की जानकारी मिली और उन्होंने चिकित्सक से संपर्क कर बच्चा गोद लेने की बात की।

पुलिस के अनुसार, आरोप है कि डॉ. कामत ने बच्ची सौंपने पर सहमति दी और ऐसे फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने में मदद की, जिससे यह दिखाया जा सके कि बच्ची दंपति की है। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निकाय से जन्म प्रमाणपत्र भी कथित रूप से प्राप्त किया गया।

पूछताछ में दंपति ने बताया कि उन्हें बच्ची के जैविक माता-पिता की कोई जानकारी नहीं है।

इस मामले में उडुपी महिला पुलिस थाने में बाल तस्करी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शिशु को अधिकारियों की देखरेख में रखा गया है। पुलिस बच्ची के जैविक माता-पिता का पता लगाने और यह जांच करने में जुटी है कि क्या इस रैकेट में और भी लोग शामिल थे ।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा