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राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला : प्राथमिकी दर्ज करने, सीबीआई जांच के लिए न्यायालय में याचिका दायर

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय में सोमवार को एक याचिका दायर की गयी जिसमें अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष एवं समय-सीमा के भीतर जांच का अनुरोध किया गया है।

दो वकीलों की ओर से दायर इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अगुवाई वाले बहु-विषयक विशेष जांच दल (एसआईटी) को 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के कामकाज और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य ‘‘गैर-कानूनी कार्यों’’ की जांच करनी चाहिए।

याचिका में केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और न्यास को ऐसी नियामक, पर्यवेक्षी तथा लेखा-परीक्षण प्रणाली बनाने और उन्हें लागू करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया, जो जनहित की रक्षा करने और लाखों श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी हों।

अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की याचिका में कहा गया है, ‘‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी रकम गायब होने और दूसरी कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट सच साबित हों या न हों, लेकिन ऐसी रिपोर्ट ने उन पीढ़ियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, जिन्होंने अयोध्या की शान को फिर से बहाल करने के लिए संघर्ष किया था।’’

याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी ने बिना प्राथमिकी या किसी नियमित आपराधिक मामले के इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

याचिका में कहा गया है कि न्यास की गायब राशि और दूसरी कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट की सच्चाई की स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए। यह जांच एक ऐसी एजेंसी करे जिसके पास जटिल वित्तीय और आपराधिक जांच को संभालने के लिए ज़रूरी विशेषज्ञता, संसाधन और संस्थागत तंत्र हों।

याचिका में कहा गया है, ‘‘ऐसी जांच से जनता का भरोसा ज़्यादा बढ़ेगा, बजाय इसके कि प्रशासनिक अधिकारियों वाला विशेष जांच दल शुरुआती जांच करे, जिनके पास आपराधिक जांच में खास योग्यता नहीं हो सकती है।’’

भाषा सुरेश नरेश

नरेश