Breaking News

देहरादून: कार के सामान की दुकान में लगी आग     |   मई में भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ बढ़कर 5.1 प्रतिशत हुई, अप्रैल में 4.9 फीसदी थी     |   2021 बंगाल हिंसा-हत्या केस: CBI ने आरोपी खालिद उज जमान को अरेस्ट किया     |   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 30 जून से 1 जुलाई तक आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगी     |   राजा रघुवंशी मर्डर केस में मेघायल हाई कोर्ट ने सोनम की जमानत बरकरार रखी     |  

राज्यसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा करेंगे : झामुमो

रांची, 22 जून (भाषा) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सोमवार को कहा कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के नतीजों पर सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगियों के बीच समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

झामुमो के महासचिव और केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि व्हिप का उल्लंघन कर मतदान (क्रॉस वोटिंग) करने वाले विधायकों की पहचान की जा रही है, जिसके कारण भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी की जीत हुई।

उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, “हेमंत सोरेन और राहुल गांधी उन 50 विधायकों के नेता हैं जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के उम्मीदवारों के लिए वोट किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा प्रमुख नितिन नवीन उन 28 विधायकों के नेता हैं - जिनमें सत्ताधारी गठबंधन के विधायक भी शामिल हैं - जिन्होंने नथवाणी के लिए वोट किया।”

क्रॉस वोटिंग के बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी ने 18 जून को झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों में से एक पर जीत हासिल की और कांग्रेस के प्रणव झा को हराया। दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम चुने गए।

उन्होंने कहा, “राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर जल्द ही एक समीक्षा बैठक होगी।”

राज्यसभा चुनावों के 18 जून को आए नतीजों के बाद, झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने राष्ट्रीय जनता दल और भाकपा(माले) लिबरेशन पर “धोखाधड़ी” का आरोप लगाया, जिसकी सत्ताधारी गठबंधन के दोनों सहयोगियों ने आलोचना की।

नथवाणी को 28 मत मिले जबकि झा को 20 मत।

चुनाव में राम को 30 मत मिले, जबकि तीन मत - दो भाजपा से और एक कांग्रेस से - अमान्य पाए गए।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश