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एमएसएमई ‘विकसित भारत’ दृष्टीकोण के लिए अहम: आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा

कोच्चि, 22 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को कहा कि एमएसएमई ‘‘उद्यमिता की नर्सरी’’ हैं और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के केंद्र में हैं।

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित भारतीय रिजर्व बैंक के विशेष जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मल्होत्रा ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की आर्थिक वृद्धि को गति देने और रोजगार सृजन में इनकी भूमिका का उल्लेख किया।

उन्होंने कोच्चि की उद्यमशीलता विरासत..मसाला व्यापार से लेकर पर्यटन, आयुर्वेद और प्लाईवुड उद्योगों तक की सराहना की और वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) तथा स्वच्छ ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों की ओर संकेत किया।

मल्होत्रा ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में ऋण वृद्धि, कुल कर्ज वृद्धि से अधिक रही है और इस मामले में केरल का प्रदर्शन मजबूत रहा है।

क्षेत्र में ऋण अंतर को कम करने के लिए उन्होंने आरबीआई की पहल जैसे प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य, बिना गारंटी ऋण सीमा में वृद्धि, ‘ट्रेड रिसिवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम’ (टीआरईडीएस), अकाउंट एग्रीगेटर ढांचा और पूर्व-समापन शुल्क में छूट का उल्लेख किया।

मल्होत्रा ने बैंकों से एमएसएमई को दीर्घकालिक भागीदार के रूप में देखने का आग्रह किया और आगामी ‘यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस’ का उल्लेख किया, जिससे ऋण मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल बनाने की उम्मीद है।

उन्होंने उद्यमियों से टीआरईडीएस का अधिक उपयोग करने और वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता बनाए रखने का आह्वान किया।

क्षेत्र के समर्थन के प्रति आरबीआई की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ऋण वितरण में बाधाएं कम करने और जिला एवं राज्य स्तर पर सहभागिता को मजबूत करने के प्रयास जारी रखेगा ताकि नीतियों के निर्माण में सहायता मिल सके।

कोच्चि के एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में केरल भर से 150 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम में आरबीआई, वाणिज्यिक बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिरकत की।

कार्यक्रम में ऋण तक पहुंच, नवोन्मेषी वित्तपोषण समाधान, सिडबी द्वारा दी जाने वाली सहायता योजनाएं, आरबीआई की पहल तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा लागू कार्यक्रमों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

एक चर्चा सत्र के दौरान उद्यमियों ने बैंकरों और सरकारी अधिकारियों के साथ ऋण उपलब्धता, बैंकिंग सेवाओं और व्यवसाय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

भाषा निहारिका अजय

अजय