Breaking News

देहरादून: कार के सामान की दुकान में लगी आग     |   मई में भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ बढ़कर 5.1 प्रतिशत हुई, अप्रैल में 4.9 फीसदी थी     |   2021 बंगाल हिंसा-हत्या केस: CBI ने आरोपी खालिद उज जमान को अरेस्ट किया     |   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 30 जून से 1 जुलाई तक आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगी     |   राजा रघुवंशी मर्डर केस में मेघायल हाई कोर्ट ने सोनम की जमानत बरकरार रखी     |  

बंगाल बजट: अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित, लाभार्थियों की संख्या घटेगी

कोलकाता, 22 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के पहले बजट में अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। यह पूर्व की लक्ष्मी भंडार योजना का संशोधित रूप है।

बजट अनुमान के अनुसार लगभग एक करोड़ महिला लाभार्थी इस योजना के दायरे में आएंगी, जो तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना के तहत करीब 2.4 करोड़ लाभार्थियों की तुलना में काफी कम है।

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए इस आवंटन की घोषणा की और इस योजना को सरकार के कल्याणकारी एजेंडे का एक प्रमुख हिस्सा बताया।

बजट गणना के अनुसार, यह राशि योजना के तहत 3000 रुपये प्रति माह की सहायता राशि पर केवल एक करोड़ लाभार्थियों के लिए ही पर्याप्त होगी।

यह आंकड़ा पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार द्वारा लक्ष्मी भंडार योजना के तहत बताए गए लाभार्थियों की संख्या से काफी कम है। 2021 में शुरू की गई लक्ष्मी भंडार योजना ममता बनर्जी सरकार की सबसे लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं में से एक थी जिसके तहत पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाती थी।

बाद में इस योजना का विस्तार किया गया था और तृणमूल सरकार का दावा था कि इसके तहत लगभग 2.4 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा था।

भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता जारी रखने का वादा किया था। साथ ही उसने योजना का पुनर्गठन कर सहायता राशि बढ़ाने का भी आश्वासन दिया था।

सत्ता संभालने के बाद सरकार ने इस कार्यक्रम का नाम बदलकर अन्नपूर्णा योजना कर दिया।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश