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चेन्नई, 13 मई (भाषा) सी जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सरकार का शक्ति परीक्षण बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री विजय ने विश्वास मत हासिल करने के लिए प्रस्ताव पेश किया।
नियमों के मुताबिक, चर्चा के दौरान संबंधित दलों के सदन के नेताओं को सबसे पहले बोलने की अनुमति दी गई।
कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने सरकार को अपना समर्थन दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने अपना रुख 'तटस्थ' रखा है। अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने मतदान से दूर रहने की घोषणा की है, जिसके सदन में चार विधायक हैं।
राज्यपाल आर.वी. आर्लेकर ने निर्देश दिया था कि विश्वास मत 13 मई को या उससे पहले हासिल किया जाना चाहिए और उनके निर्देशों के अनुरूप आज यह शक्ति परीक्षण हो रहा है।
सत्तारूढ़ टीवीके के पास विधानसभा में अध्यक्ष सहित कुल 107 विधायक हैं। हालांकि, अध्यक्ष मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, तिरुपत्तूर से टीवीके विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति मद्रास उच्च न्यायालय के एक फैसले के कारण अपना वोट नहीं डाल सकेंगे। सेतुपति ने 23 अप्रैल के चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के उम्मीदवार को मात्र एक वोट से हराया था, जिसे अदालत में चुनौती दी गई थी।
सत्ता पक्ष को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल प्रत्येक के दो विधायकों ने टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा की है।
अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सी वी षणमुगम के नेतृत्व में पार्टी के लगभग 30 विधायकों ने टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। यह गुट पार्टी अध्यक्ष के. पलानीसामी के नेतृत्व का विरोध कर रहा है।
दूसरी ओर, पलानीसामी के प्रति निष्ठा रखने वाले अन्नाद्रमुक विधायकों ने कहा है कि वे सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि पार्टी के निर्देशों के विरुद्ध जाने वाले विधायकों पर दल-बदल विरोधी कानून लागू किया जाएगा।
भाषा
सुमित मनीषा
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