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गोवा : चिकित्सीय लापरवाही के कारण 11 वर्षीय लड़के का पैर काटना पड़ा, सरकार ने समिति गठित की

पणजी, 13 मई (भाषा) गोवा के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही के कारण 11 वर्षीय लड़के का पैर काटने की घटना के कुछ दिनों बाद स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बुधवार को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की।

राणे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि समिति सभी सरकारी अस्पतालों का दौरा करेगी और आवश्यक प्रोटोकॉल निर्धारित करेगी।

मंत्री ने कहा कि यह दुखद है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण लड़के को अपना पैर गंवाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह उसके परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता प्रदान करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने उत्तरी गोवा के वालपोई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की चिकित्सा अधिकारी डॉ. यवंती गावडे को लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबित कर दिया है।

राणे ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य सेवा निदेशक, स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार फ्रेजेला अरौजो और अन्य सदस्यों वाली समिति का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने निजी कोष से लड़के के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करूंगा। हम नुकसान की भरपाई तो नहीं कर सकते, लेकिन कम से कम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।’’

लड़के को गिरने से बाएं पैर में चोट लगने के कारण 27 अप्रैल को सीएचसी लाया गया था।

जिस जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर को निलंबित किया गया, उसके अनुसार ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी डॉ. यवंती गावडे ने लड़के की जांच की, जिसमें एक्स-रे से ‘‘बाएं पैर की फिबुला हड्डी में फ्रैक्चर’’ सामने आया।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘प्रारंभिक उपचार के रूप में सुरेश नामक मल्टी टास्किंग कर्मचारी द्वारा प्लास्टर की एक पट्टी लगाई गई थी, जो कथित तौर पर गोवा मेडिकल कॉलेज से प्रतिनियुक्त ऑर्थोपेडिक रेजिडेंट्स की सहायता कर रहा था और एक ऑर्थोपेडिक सहायक के रूप में काम कर रहा था।’’

इसमें कहा गया है कि लड़के को बुखार, उल्टी और सुस्ती की शिकायत के साथ 28 अप्रैल को फिर से सीएचसी के आपातकालीन विभाग में लाया गया, जिसके बाद उसे पणजी के पास बंबोलिम स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया।

उसके पैर की उंगलियों में सूजन आ गई, जिसके बाद गैंग्रीन के कारण प्रभावित अंग को काटना पड़ा।

सरकार ने सोमवार को कहा कि समिति की टिप्पणियों से गावडे द्वारा ‘‘चिकित्सकीय लापरवाही’’ का संकेत मिलता है, जिसके कारण विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा विस्तृत जांच पूरी होने तक उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा