नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार पुरानी दिल्ली क्षेत्र के पुनर्विकास और संरक्षण के लिए काम करने वाली एजेंसी शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) का नाम बदलकर “इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम ” करने की योजना बना रही है।
नाम परिवर्तन का प्रस्ताव 13 मार्च को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एसआरडीसी बोर्ड की बैठक में पेश किया गया, जिस पर विचार-विमर्श के बाद उसे मंजूरी दे दी गई।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, “बोर्ड ने विस्तृत चर्चा के बाद कंपनी का नाम शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम से बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी।”
बोर्ड की मंजूरी के बाद अब केवल कंपनी के नए नाम का पंजीकरण रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के साथ कराया जाना बाकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले कई प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री से मिलकर एसआरडीसी का नाम बदलने की मांग की थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब कंपनी के व्यापक पुनर्गठन का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार न केवल नाम बदलेगी, बल्कि इसके जरिए पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद क्षेत्र के “वास्तविक पुनर्विकास” को तेज किया जाएगा।
गौरतलब है कि ‘इंद्रप्रस्थ’ महाभारत काल में वर्तमान राष्ट्रीय राजधानी का नाम था, जबकि एसआरडीसी का नाम मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा बसाए गए शाहजहानाबाद शहर के नाम पर रखा गया था। शाहजहां ने पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद और लाल किला भी बनवाया था।
भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश
अविनाश