युद्ध का एकमात्र मकसद दुश्मन का मनोबल तोड़ना है, ताकि वे हमारी शर्तों पर संधि स्वीकार करने के लिए मजबूर हो जाएं : गांधीनगर में एनएसए अजीत डोभाल।
भाषा पारुल पवनेश
पवनेश
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