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संकट के इस समय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार की क्या योजना है: सुले

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि पश्चिम एशिया में बने हालात से निपटने के लिए सरकार की क्या योजना है और बजट में इसके लिए क्या उपाय किए गए हैं।

सुले ने वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए सदन में दिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका कहना है कि पश्चिम एशिया संकट से उसी तरह निपटना होगा, जिस तरह कोविड के हालात से देशवासी निपटे थे।

राकांपा (शप) सांसद ने कहा, ‘‘यदि कोविड जैसी स्थिति है तो वित्त मंत्री को बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार की क्या योजना है।’’

सुले ने कहा कि कोई नहीं जानता कि यह संकट कितने समय तक रहने वाला है, ऐसे में सरकार बताए कि वह इस बजट में इसके लिए क्या कर रही है।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के समय बाजार ने अच्छी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन आज हालात चिंताजनक हैं।

सुले ने कहा, ‘‘हम असाधारण संकट से जूझ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी यह कहा है।’’

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब पार्टी विपक्ष में थी तो उसके नेता डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने पर मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज रुपया 94 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

कांग्रेस सदस्य वर्षा गायकवाड़ ने देश में एलपीजी संकट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार नाकामी को उपलब्धि दिखाने का प्रयास करती है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह बजट देश की सच्चाई से ज्यादा सरकार के प्रचार-प्रसार को दर्शाता है और सरकार आर्थिक संकट को छिपाने का प्रयास कर रही है।

वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी ने कहा कि वित्त विधेयक इस बात का प्रमाण है कि यह सरकार ‘इलेक्शन’ (चुनाव) के लिए नहीं, बल्कि अगली ‘जेनरेशन’ (पीढ़ी) के लिए काम करती है।

वाईएसआर कांग्रेस के पीवी मिथुन रेड्डी ने कहा कि देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

भाषा वैभव हक

हक सुभाष

सुभाष