जोरहाट (असम), 23 मार्च (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगाई ने सोमवार को जोरहाट सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और यह पहली बार है जब वह विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने मैदान में उतरे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गोगोई ने जोरहाट स्टेडियम से रैली शुरू करने से पूर्व विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने जोरहाट गुरुद्वारा, बूढ़ी गोसाईं देवालय, ताराजान मस्जिद और जेल रोड चर्च में प्रार्थना की।
लगभग तीन घंटे बाद इस रैली का समापन जिला आयुक्त कार्यालय पर हुआ। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।
कांग्रेस छह दलों के विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें रायजोर दल, असम जातीयतावादी पार्टी (एजेपी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी) शामिल हैं।
गठबंधन सहयोगी दलों के समर्थक अपने-अपने झंडों के साथ रैली में नजर आए।
नामांकन दाखिल करने से पहले गोगोई ने संवाददाताओं से कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव “असम की राजनीति को बदलने का अवसर” है।
उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति बहुत निचले स्तर पर चली गई है, जिसके कारण देश के अन्य हिस्सों में जाने पर हमें शर्म महसूस होती है।”
कांग्रेस नेता ने समाज और राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए लोगों से “सामूहिक जिम्मेदारी” निभाने का आह्वान किया।
गोगोई ने कहा, ‘‘कांग्रेस की सरकार बनी तो यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी दल की बैठक या रैली में शामिल होने की बाध्यता न रहे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लाभार्थी महिलाओं को योजनाओं का फायदा पाने के लिए पार्टी की रैलियों और बैठकों में शामिल होने के लिए बाध्य कर उनका अपमान कर रही है।
उन्होंने कहा, “विभिन्न योजनाओं के लिए धन सरकार का होता है, किसी राजनीतिक दल का नहीं। इसके बावजूद महिलाओं को रविवार को बैठकों में बुलाकर भाजपा नेताओं के भाषण सुनने के लिए मजबूर किया जाता है, जो उनका अपमान है।”
गोगोई ने जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और “नए एवं विकसित असम” के निर्माण का वादा किया।
जोरहाट से सांसद गोगोई ने नजीर अली क्षेत्र स्थित अपने पैतृक आवास का भी दौरा किया और अपने पिता एवं असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की तस्वीर के समक्ष खड़े होकर प्रार्थना की तथा श्रद्धांजलि दी।
गोगोई का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं मौजूदा विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी से होगा। गोस्वामी इस सीट का पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं-1991 से लगातार तीन बार असम गण परिषद (अगप) के उम्मीदवार के रूप में और 2016 से दो बार भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर।
सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन है। नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च है।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को की जाएगी।
भाषा खारी नरेश
नरेश