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वित्तीय दबाव, अन्य आंतरिक मुद्दों के कारण 10 साल में 11 एयरलाइंस बंद हुईं : सरकार

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि पिछले 10 वर्षों में वित्तीय दबाव, विमान की अनुपलब्धता और अन्य आंतरिक समस्याओं के कारण 11 एयरलाइंस बंद गई हैं।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि विमानन क्षेत्र विनियमित नहीं है और एयरलाइंस वाणिज्यिक आधार पर संचालन करती हैं, जबकि सरकार संतुलित और स्थिर क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया, “2016 के बाद से 11 एयरलाइंस वित्तीय दबाव, विमान की उपलब्धता न होना और अन्य आंतरिक मुद्दों के कारण बंद गई हैं। इसके अलावा, एयरएशिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (अब एआईएक्स कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड) का एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड में विलय हो गया है, और टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड (विस्तारा) एयर इंडिया लिमिटेड में शामिल हो गई है।”

सरकार ने बंद हो चुकीं एयरलाइंस के हवाई अड्डों, कर्मचारियों और लेनदारों के बकाया पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस के पास भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के 380.51 करोड़ रुपये बकाया थे, जिसे बेंगलुरु के आधिकारिक लिक्विडेटर के पास दर्ज करवा दिया गया है।

किंगफिशर एयरलाइंस ने 2012 में संचालन बंद कर दिया था। ट्रूजेट पर एएआई के 0.03 करोड़ रुपये बकाया हैं, जबकि जेट एयरवेज और गो फर्स्ट का कोई बकाया नहीं है।

भाषा मनीषा माधव

माधव