Breaking News

मिडिल ईस्ट पर सर्वदलीय बैठक खत्म, विपक्ष से सरकार ने कहा- कंट्रोल में हैं हालात     |   चांदी 11,250 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 4,900 रुपये उछला     |   नोएडा: सेक्टर 16 मेट्रो ट्रैक पर कूदी युवती, हुई गंभीर रूप से घायल     |   इजरायल ने ईरान के पनडुब्बियां बनाने वाले एकमात्र ठिकाने पर बड़ा हमला किया     |   रामनवमी पर योगी सरकार का फैसला, 26 के साथ अब 27 मार्च को भी रहेगा अवकाश     |  

बंगाल: बीएलओ की दिल का दौरा पड़ने से मौत, परिवार ने एसआईआर को जिम्मेदार ठहराया

कोलकाता, 22 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 54 वर्षीय बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

वहीं बीएलओ के परिवार ने आरोप लगाया कि राज्य में जारी एसआईआर अभियान से संबंधित अत्यधिक कार्यभार के कारण उनकी मौत हुई।

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान उत्पल ठाकुर के रूप में हुई है।

परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उत्पल ठाकुर को शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे दिल का दौरा पड़ा और बाद में उनकी मौत हो गई।

निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, वह चंचल-द्वितीय ब्लॉक के चंद्रपारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत नाडापारा में बूथ संख्या 93 पर बूथ स्तरीय अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

ठाकुर, एक स्कूल में पैरा-टीचर भी थे।

ठाकुर की पत्नी ने कहा, “मेरे पति ने एसआईआर प्रक्रिया में बहुत मेहनत की लेकिन काम के तनाव को सहन नहीं कर पाए और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। मुझे नहीं पता कि मैं परिवार कैसे चलाऊंगी। हमें उम्मीद है कि सरकार मेरी बेटियों की और मेरी मदद करेगी।”

स्थानीय लोगों ने बताया कि ‘विचाराधीन’ श्रेणी में शामिल या जिनके नाम हटा दिए गए थे, उनमें से कई लोगों ने आरोप लगाया कि बीएलओ ने उनके दस्तावेज आयोग की वेबसाइट पर ठीक से अपलोड नहीं किए थे।

ठाकुर के परिवार के एक पड़ोसी ने कहा, “लोगों को आयोग की प्रक्रियाओं की समझ नहीं है। वे सीधे बीएलओ के पास गए और पूछा कि उनके दस्तावेज ठीक से अपलोड हुए हैं या नहीं। हटाए गए मतदाता अक्सर नाम न होने का कारण पूछते हैं।”

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश