बेंगलुरु, 22 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को उमेश मेती और समर्थ मल्लिकार्जुन को बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार घोषित किया।
बागलकोट के कांग्रेस विधायक एच वाई मेती और दावणगेरे दक्षिण के शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।
कांग्रेस ने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में दिवंगत विधायकों के परिवार के सदस्यों को टिकट दिए। उमेश मेती एच वाई मेती के पुत्र हैं, जबकि समर्थ मल्लिकार्जुन शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं।
समर्थ के पिता एस एस मल्लिकार्जुन कर्नाटक सरकार में मंत्री हैं और दावणगेरे जिले के प्रभारी हैं, जबकि उनकी मां प्रभा मल्लिकार्जुन इस क्षेत्र से संसद सदस्य हैं।
कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा से पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हो गया है, खासकर दावणगेरे दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में, जहां टिकट के इच्छुक सादिक पहलवान ने बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
भाजपा ने पहले ही बागलकोट से वीरभद्रय्या चरंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।
टिकटों की घोषणा के बाद, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने दावा किया कि सभी नेता एकजुट होकर चुनाव का सामना करने और कांग्रेस उम्मीदवार की जीत के लिए काम करने पर सहमत हुए हैं।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पिछले दो दिन में बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार समेत कई नेताओं के साथ दोनों सीट के उम्मीदवारों के संबंध में चर्चा की।
शुक्रवार को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से टिकट के इच्छुक उम्मीदवार समर्थ और सादिक पहलवान ने अपना नामांकन दाखिल किया, हालांकि पार्टी ने तब तक आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की थी।
अपने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद, समर्थ ने कहा कि शुभ दिन होने के कारण उन्होंने नामांकन दाखिल किया और पार्टी द्वारा आधिकारिक तौर पर उन्हें टिकट दिए जाने की घोषणा के बाद वह नामांकन पत्रों का एक और सेट दाखिल करेंगे।
शमनूर शिवशंकरप्पा के परिवार और समर्थकों ने दावणगेरे दक्षिण सीट से उनके पोते समर्थ को उम्मीदवार बनाने की मांग की, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय की ओर से भी टिकट की जोरदार मांग थी, क्योंकि इस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी आबादी है।
वहीं, पहलवान ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि वह 23 मार्च को 'बागी उम्मीदवार' के रूप में नामांकन पत्र का एक और सेट दाखिल करेंगे।
बागलकोट में, पार्टी सूत्रों के अनुसार हालांकि मेती के परिवार को टिकट मिलने के संकेत थे, लेकिन उनके बेटों और बेटियों के बीच कड़ा मतभेद था क्योंकि हर कोई चुनाव लड़ना चाहता था।
इसी बीच, कांग्रेस के एक अन्य मजबूत दावेदार गोविंद बल्लारी ने शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और उम्मीद जताई कि पार्टी उन्हें टिकट देगी।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में बागलकोट में मेती ने भाजपा के चरंतिमठ को 5,878 मतों के अंतर से हराया था और दावणगेरे दक्षिण में शिवशंकरप्पा ने भाजपा के बी जी अजय कुमार को 27,888 मतों के अंतर से हराया था।
भाषा आशीष संतोष
संतोष