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असम पुलिस के शिविर पर उग्रवादियों ने किया हमला, चार पुलिसकर्मी घायल

तिनसुकिया (असम), 22 मार्च (भाषा) तिनसुकिया जिले में शनिवार देर रात असम पुलिस कमांडो शिविर पर उग्रवादी हमले में कम से कम चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए जवाबी अभियान शुरू किया गया है।

यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) (उल्फा आई) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उसके खिलाफ असम पुलिस की ओर से बार-बार की गई कार्रवाई और पिछले साल सेना द्वारा उसके शिविरों पर कथित रूप से किये गये ड्रोन हमले के बदले में जागुन क्षेत्र में उसने ‘ऑपरेशन बुजोनी’ चलाया।

यह हमला नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हमला रात में करीब ढाई बजे हुआ।

उन्होंने बताया कि उग्रवादियों ने शिविर पर कई रॉकेट-चालित ग्रेनेड (आरपीजी) दागे, जिनमें से पांच फटे।

उन्होंने बताया कि शिविर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की जिसके परिणामस्वरूप कुछ देर तक मुठभेड़ चली।

पुलिस अधिकारी ने संदेह जताया है कि यह हमला सात सदस्यीय एक गिरोह ने किया जो अंधेरे का फायदा उठाकर अरुणाचल प्रदेश से लगती अंतरराज्यीय सीमा पार कर भाग गया।

उन्होंने बताया कि इस हमले में घायल हुए चार सुरक्षाकर्मियों को डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) ले जाया गया।

एएमसीएच के अधीक्षक ध्रुवज्योति भूइंया ने कहा कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।

हमले की पुष्टि करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘एक घटना हुई है जो बेहद निंदनीय है। असम पुलिस और सेना द्वारा जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और हमें विश्वास है कि दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने उल्फा (आई) पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस दावा किया कि हमला उसी ने किया ।

उल्फा (आई) ने एक बयान में इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने ‘ऑपरेशन बुजोनी’ चलाया।

उग्रवादी संगठन ने दावा किया कि 2021 में हिमंत विश्व शर्मा सरकार के सत्ता में आने के बाद उसके शांति प्रयासों के प्रति सद्भावना के तौर पर उसने असम पुलिस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।

उल्फा (आई) ने कहा कि लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसके नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया और उनमें से कई मारे गए।

उसने भारतीय सशस्त्र बलों को पिछले साल जुलाई में भारत-म्यांमा सीमा पर स्थित उसके ‘मोबाइल’ शिविरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का जिम्मेदार ठहराया।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश