नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) नेता कमल हासन ने आजादी के करीब 70 साल बाद भी आम आदमी की मूलभूत समस्याएं खत्म नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि हमें आत्ममंथन करना होगा कि हम विकास की बात कैसे करते हैं।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कमल हासन ने कहा कि समस्याएं कम होने के बजाय अलग-अलग तरीके से बढ़ती गई हैं। उन्होंने कहा कि हम मतदान करना चाहते हैं लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नाम में चूक की वजह से हम सवालों के घेरे में आ जाते हैं।
एमएनएम सदस्य ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए। ‘‘क्या ऐसे सभी लोग बाहर से आए हैं?’’
उन्होंने कहा कि अहसमति जताना भी खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सहिष्णुता की बात करना और वास्तव में सहिष्णु होने में अंतर है। उन्होंने कहा कि बढ़ती समस्याओं के बीच हमें आत्ममंथन करना होगा कि हम विकास की बात कैसे करते हैं।
विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरीटा ने बतौर सदस्य चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि जब उन्हें आजादी के समय त्रिपुरा पाकिस्तान को देने के प्रयास के बारे में पता चला तो वह स्तब्ध रह गए थे। ‘‘लेकिन भगवान का लाख-लाख शुक्र है कि ऐसा नहीं हो पाया।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं को भुला देती है लेकिन राजग सरकार कोई भेदभाव नहीं करती और असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई को राजग सरकार ने ही भारत रत्न से सम्मानित किया।
उन्होंने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में पूर्वोत्तर का विकास हुआ है अन्यथा बड़ा वोट बैंक नहीं होने की वजह से पिछली सरकारों ने पूर्वोत्तर पर ध्यान नहीं दिया।
मार्गरीटा ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों की वजह से आज पूर्वोत्तर में उग्रवाद पर लगाम लगी है, लोग शांति से रह रहे हैं और पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा ने अभिभाषण को वास्तविकता से कोसों दूर बताते हुए कहा कि इसमें खूबसूरत तस्वीर दिखाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक असमानता, न्याय के लिए लंबा इंतजार, बेरोजगारी से लेकर कई समस्याएं हैं जिनसे आम आदमी बेहाल है लेकिन इनका अभिभाषण में कोई जिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि हर असहमति देशद्रोह नहीं होती है, ‘‘लेकिन हम इसका सामना कर रहे हैं।’’
पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (एस) नेता एच डी देवेगौड़ा ने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से ही आज आम आदमी का जीवन स्तर सुधरा है।
उन्होंने कहा कि हर बात के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, राज्यों की भी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं हल करने के लिए सरकार को और प्रयास करने होंगे।
भाजपा के दोरजी त्सेरिंग लेप्चा ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सिक्किम शिक्षा के केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की लंबित समस्याओं को जल्द ही दूर किया जाना चाहिए।
तेलुगु देशम पार्टी के मस्तान राव यादव बीधा ने कहा कि निजीकरण हर समस्या का समाधान नहीं है।
चर्चा में भाजपा की धर्मशीला गुप्ता और भीम सिंह ने भी हिस्सा लिया।
चर्चा अधूरी रही।
भाषा
मनीषा अविनाश
अविनाश