नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने दुरुपयोग को रोकने के लिए 2.5 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसमें लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं।
प्रसाद ने कहा, ‘‘आधार डेटाबेस की लगातार सटीकता और शुद्धता बनाए रखने के लिए देशव्यापी अभियान के तहत, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने अब तक 2.5 करोड़ से ज़्यादा मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं।’’
किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर, यह जरूरी है कि उसके आधार नंबर को निष्क्रिय कर दिया जाए ताकि संभावित पहचान धोखाधड़ी, या कल्याणकारी लाभ लेने के लिए ऐसे आधार नंबर के अनधिकृत उपयोग को रोका जा सके।
भाषा वैभव माधव
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