नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि देश में नक्सलवाद मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘कतई बर्दाश्त नहीं नीति’ के चलते नक्सली हिंसा में तेज गिरावट आई है।
प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए राय ने कहा कि भारत में नक्सलवाद की समस्या 1968 से चली आ रही है और दशकों तक इस पर कोई ठोस राष्ट्रीय नीति न होने के कारण यह बनी रही।
उन्होंने कहा, “भारत मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। पहले यह इसलिए समाप्त नहीं हो सका क्योंकि पिछली सरकारें इसे राज्यों की समस्या मानती थीं। 1968 से यह समस्या मौजूद थी और पशुपति से तिरुपति तक एक ‘लाल गलियारा’ था, जो आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था।”
राय ने कहा कि अब मोदी सरकार के पास एक ठोस नीति और मजबूत नेतृत्व है, जिसके चलते ‘कतई बर्दाश्त नहीं नीति’ के तहत नक्सलवाद को जल्द खत्म किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने ‘वोट बैंक की राजनीति’ के चलते नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों और कुछ राजनीतिक दलों ने हिंसा फैलाने वाली ताकतों से समझौता किया, जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम कर रही थीं।”
गृह राज्य मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2010 में नक्सली हिंसा की घटनाओं में 1,005 लोगों की मौत हुई थी, जो 2025 में घटकर 100 रह गई, यानी लोगों की मौत में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है। इसी तरह 2010 में नक्सली हिंसा की 1,936 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो 2025 में घटकर 234 रह गईं, यानी 88 प्रतिशत की गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि जून 2019 से अब तक 33 शीर्ष नक्सली नेता मारे गए हैं, जिनमें 16 केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) और पोलित ब्यूरो सदस्य (पीबीएम) शामिल हैं। राय के अनुसार, 2019 से अब तक 1,149 नक्सली मारे गए, 7,409 को गिरफ्तार किया गया और 5,880 ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा, “इन परिणामों से स्पष्ट है कि नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है।”
इस दौरान कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से लेकर मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग सरकारों तक सभी ने नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने भी वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ केंद्र सरकार के साथ सहयोग किया।
हालांकि राय ने आरोप लगाया कि बघेल सरकार ने केंद्र सरकार के साथ अपेक्षित स्तर का सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैं किसी सरकार का नाम नहीं लूंगा, लेकिन जिस सरकार का आपने नाम लिया, उसने उतना सहयोग नहीं किया जितना करना चाहिए था।”
गृह राज्य मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, “सुरक्षा बलों का मनोबल गिराकर नक्सलवाद से नहीं लड़ा जा सकता।”
भाषा मनीषा माधव
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