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अगले 20-25 साल भारत के होंगे : ब्लैक रॉक के सीईओ लैरी फिंक

मुंबई, चार फरवरी (भाषा) ब्लैक रॉक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लैरी फिंक ने बुधवार को कहा कि अगले 20-25 साल भारत के नाम रहेंगे और देश अगले एक दशक या उससे अधिक समय में 8-10 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा।

‘नए युग के लिए निवेश’ विषय पर उद्योगपति मुकेश अंबानी के साथ अनौपचारिक बातचीत में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश प्रबंधन कंपनी के सीईओ ने कहा कि भारत वह देश है जिसमें वह निवेश करना चाहेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत के इस युग में, हमारा ध्यान लोगों को यह समझाने पर है कि ‘भारत का युग’ होने का मतलब क्या है। जब आप भारत की वृद्धि के बारे में सोचते हैं... तो यह एक तिमाही, एक दिन या एक सप्ताह, एक वर्ष की बात नहीं है, बल्कि एक लंबा समय है। आप कह सकते हैं कि शायद यही भारत का युग है और अगले 20-25 वर्ष में भी यही स्थिति रहेगी।’’

उन्होंने कहा कि भारत को विदेशी पूंजी की कम आवश्यकता है।

लैरी फिंक कहा, ‘‘ मैं भारत की वृद्धि में विश्वास रखने वाले विदेशी निवेशकों से पूंजी लाने में विश्वास रखता हूं, लेकिन किसी भी देश की मूलभूत नींव बचत पर आधारित घरेलू अर्थव्यवस्था होती है।’’

उन्होंने कहा कि भारत अगले 10 से अधिक वर्ष में 8-10 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा।

फिंक ने कहा, ‘‘ मैं यहीं निवेश करना चाहता हूं और भारतीयों को भी निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता हूं।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल रुपये ने देश में वाणिज्य को बदल दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अन्य देशों को लेकर बहुत चिंतित हूं, यहां तक ​​कि अमेरिका भी पिछड़ रहा है।’’

फिंक ने कहा कि देश के वृद्धि के साथ-साथ पूंजी बाजारों में निवेश करने के लिए अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें लोगों को दीर्घकालिक निवेश के दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे भारत की महान कंपनियों के साथ विकास कर सकें, उनका हिस्सा बन सकें और उनमें भागीदार बन सकें।’’

फिंक ने कहा कि उन्हें ‘‘एआई बबल’’ (ऐसी स्थिति है जहां प्रचार वास्तविक स्थिति से अधिक हो) पर विश्वास नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ सबसे बड़ा खतरा यह है कि अगर हम कृत्रिम मेधा (एआई) में निवेश नहीं करते हैं, तो चीन आगे निकल जाएगा।’’

फिंक ने कहा कि एआई सबसे चर्चित विषयों में से एक है क्योंकि यह सबसे अधिक बदलाव लाने वाला है।

भाषा निहारिका अजय

अजय