देवभूमि उत्तराखंड में भीषण गर्मी से जहां लोग बेहाल हो चले थे वहीं, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के मौसम को लेकर एक चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 जून और 12 जून को उत्तराखंड के कई हिस्सों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है. मौसम वैज्ञानिकों ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर और चम्पावत सहित कुल 8 जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज ओलावृष्टि होने और इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी झोंकेदार हवाएं चलने का गंभीर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
11 और 12 जून को कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है. वहीं,11 जून से 16 जून तक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. 20 से 25 जून के बीच उत्तराखंड में मानसून दस्तक दे सकता है. उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बुधवार की शाम से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो चुका है, यहां अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड की तहसील जखोली के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा खलियाण स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर के पास बहने वाला खुदगर गदेरा अचानक मूसलाधार बारिश के बाद उफान पर आ गया. पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि इसकी चपेट में आने से पुजार गांव से जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर बनी 2 से 3 महत्वपूर्ण पुलियाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का संपर्क पूरी तरह कट गया है.
इसके अलावा, पुजारगांव-सिरवाड़ी मोटर मार्ग पर पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आ गिरे हैं, जिससे यह पूरा रास्ता अवरुद्ध हो गया है. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि प्रशासन ने मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है और राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है. वहीं दूसरी तरफ, बागेश्वर जिले की कांडा कमस्यार घाटी में भी बुधवार को रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश के साथ ही भयंकर ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
राजधानी देहरादून और धार्मिक नगरी हरिद्वार में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं. इन दोनों मैदानी और अर्ध-पर्वतीय जिलों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी बौछारें पड़ने की आशंका जताई है. इसके साथ ही, देहरादून और हरिद्वार में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की संभावना है.
कुमाऊं मंडल के खूबसूरत पर्यटन स्थल नैनीताल और मैदानी जिले उधम सिंह नगर में भी 11 और 12 जून को मौसम विभाग ने भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. नैनीताल घूमने आ रहे पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. उधम सिंह नगर के मैदानी भागों में जहां पिछले दिनों तापमान सामान्य से काफी अधिक चल रहा था, वहां अब तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हो रही बारिश के कारण मौसम सुहावना होने लगा है. हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 13 जून से उधम सिंह नगर और हरिद्वार में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा, लेकिन तब तक तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा.
गढ़वाल के मध्य हिमालयी जिलों पौड़ी और टिहरी में भी आसमान में पूरी तरह बादलों का डेरा रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, इन दोनों जिलों के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ ही कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की पूरी संभावना बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में टिहरी और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. रानीचौरी में 39 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. इन जिलों में आने वाले अगले दो दिनों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंडी हवाएं चलेंगी और मौसम काफी ठंडा हो जाएगा.
सीमांत जिले पिथौरागढ़ और चम्पावत में मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. इन दोनों ही पहाड़ी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और तीव्र बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही, 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है. पिथौरागढ़ और चम्पावत के पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों को मौसम देखकर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ था, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में यह सामान्य या सामान्य से कम दर्ज किया गया. राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान बाबा केदार की नगरी केदारनाथ में 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां इस समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों के भीतर राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है, लेकिन इसके तुरंत बाद अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पूरे उत्तराखंड में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की भारी कमी आएगी। अच्छी बात यह है कि फिलहाल राज्य में कहीं भी ‘हीटवेव’ यानी लू चलने की कोई चेतावनी नहीं है.