मेरठ में 11 देशों से आए प्रशिक्षु अधिकारियों ने भारत की सरकार, प्रशासन, और जनता के बीच संतुलन की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने इसे अद्वितीय और प्रभावशाली बताया। ये अधिकारी "लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम ऑन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस" के तहत तंजानिया, श्रीलंका, मेडागास्कर, मालदीव, केन्या, मोजाम्बिक, साउथ अफ्रीका समेत अन्य देशों से भारत पहुंचे थे।
जो एसएसपी डॉ विपिन ताडा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में अधिकारियों को जिले में शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के कार्यों के बारे में बताया गया। उन्हें थाना स्तर से प्रदेश स्तर पर पुलिस की विभागीय व्यवस्था, एसटीएफ, डायल 112, आरएएफ, एंटी करप्शन, त्रिनेत्र ऐप, साइबर क्राइम थाना, महिला थाना, और रेस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
जिसकी सीडीओ नूपुर गोयल ने जिला प्रशासन की कार्य प्रणाली और डीएम के विभिन्न कार्यों जैसे लाइसेंसिंग, एक्साईज, आर्म्स एक्ट, राजस्व संग्रह, खनन, खाद्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, और निर्वाचन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आईजीआरएस में आने वाली शिकायतों और उनके निस्तारण के बाद अधिकारी द्वारा लिए जाने वाले फीडबैक के बारे में भी बताया।
जहां इस दौरान एसडीएम सदर कमल किशोर देशभूषण कंडारकर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया, नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार, और जिला विकास अधिकारी अम्बरीष कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वहीं एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि विभिन्न देशों के 40 अधिकारी मेरठ भ्रमण पर आए थे। यहां की पुलिस, प्रशासनिक व्यवस्था, किस प्रकार यहां की समस्याओं का निस्तारण किया जाता है। कैसे काम होता है उस पर काफी संवाद हुआ है। उन्होंने काफी सवाल भी पूछे जिसका हमने जवाब दिया उनके देशों की व्यवस्था की हमें जानकारी मिली, गांवों का भ्रमण भी उनके द्वारा किया गया।