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मेरठ: RLD को लगा बड़ा झटका, डॉक्टर मेहराजुद्दीन अहमद ने दिया इस्तीफा

आरएलडी के राष्ट्रीय महासचिव मेराजुद्दीन ने पत्र जारी कर बताया कि वह पिछले 10 साल से पार्टी से जुड़े है। उन्होंने कहा कि वह स्वर्गीय अजीत सिंह के नेतृत्व में पार्टी के साथ किसान, अल्पसंख्यकों को दलितों को पिछड़ों की लड़ाई के साथ-साथ हाई कोर्ट बैंच की मांग को लेकर अनेक आंदोलनों में कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा साथ रहे हैं।

आपको बता दें चौधरी अजीत सिंह जी जिन्होंने हमेशा बिना भेदभाव हिंदू और मुस्लिम सहित सर्व धर्म के लोगों को साथ लेकर चले जिनकी, छवि हमेशा देश के एक सेकुलर नेताओं में होती थी। इसी से प्रभावित होकर उन्होंने आरएलडी की सदस्यता ली थी। चौधरी अजीत सिंह के द्वारा उनको बहुत सम्मान मिला। लेकिन मौजूदा वक्त में जयंत चौधरी साहब अपने दादा व पिता में पार्टी की विचारधारा से भटक गए हैं अपने ऊपर किसानों, दलितों और अलापसंखको पर हुए व हो रहे जुल्मों में जियादतियों को बुलाकर जुल्म करने वालों के साथ चले गए हैं। जिससे किसानों, दलितों, अल्पसंख्यक व सेकुलर सोच रखने वालों को गहरा आघात पहुंचा है जिससे वह आहत हैं और राष्ट्रीय लोकदल की प्राथमिक सदस्यता व पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।

जहां दलित मुस्लिम उत्पीड़न को लेकर राष्ट्रीय लोकदल की रीड की हड्डी कहे जाने वाले डॉक्टर मेराजुद्दीन ने राष्ट्रीय लोकदल से दिया इस्तीफा दिया है। पार्टी में कई दिनों की उठा पटक के बाद आज डॉक्टर मेराजुद्दीन ने यह स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रीय लोक दल की जो चौधरी अजीत सिंह साहब ने सेक्यूलर छवि बनाई थी जिसमें किसान दलित मुस्लिम सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने की मुहिम थी वह एक तरफा नजर आ रही है। जयंत चौधरी के पलट जाने को लेकर डॉक्टर मेराजुद्दीन ने कहा की राष्ट्रीय लोक दल में जो दम था वह अब नहीं रहा जो पार्टी की सेकुलर छवि थी वह नहीं रही इसलिए मैं राष्ट्रीय लोक दल से इस्तीफा दे रहा हूं।