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ज्वलनशील पदार्थों से करें खलिहानों का बचाव, आगजनी की घटनाओं के बाद कृषि विभाग की किसानों से अपील

लखनऊ: प्रदेश के कुछ जनपदों में खेत-खलिहानों में आगजनी की घटनाओं पर कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। कृषि विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस समय किसान बेमौसम बारिश से परेशान हैं। वहीं कुछ जनपदों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में किसानों के पास पहुंचकर उन्हें जागरूक करें कि वे खलिहानों का सिगरेट, बीड़ी व अन्य ज्वलनशील पदार्थों से बचाव करें। 

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दिनों निरंतर किसानों से संपर्क में रहें। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी हो, इसके लिए भी लगातार किसानों से संवाद स्थापित करें। 

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वर्तमान में सरसों, चना, मसूर, मटर जैसी फसलों की कटाई एवं मड़ाई पूर्ण करते हुए भण्डारण इत्यादि किया जा रहा है। सर्वाधिक क्षेत्र में उगाई गई गेहूं की फसल को कुछ दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा से क्षति की आशंका है। ऐसे में किसान इस समय फसलों की कटाई एवं मड़ाई के समय सावधानी बरतें। 

विभाग ने किसानों से कहा कि खेतों में यदि खड़ी फसल है और भीग गई है तो एक या दो दिन सूखने का मौका दें। यदि फसल की कटाई हो गई है और लांक खेत में पड़ी है तो खेत में पानी न रुकने दें अथवा बोझा बांधकर खड़ा कर दें। यदि फसल कटकर खलिहान में पड़ी है और भीग गई है तो उसे खोलकर हवा व धूप लगने दें जिससे जल्द ही सूख जाए, तत्पश्चात मड़ाई करें। यदि दाने भीग गए हैं तो उसे मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही भंडारित करें। बीज उत्पादक कृषक हार्वेस्टर कंबाइन से कटाई कराते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। वर्तमान में नमी के दृष्टिगत भण्डारण के समय भण्डार स्थल अथवा बखारी, बोरा, दीवाल आदि को धूमरीकरण/फ्यूमिगेशन अवश्य कर लें, जिससे भण्डारगृह साफ सूखा एवं कीटमुक्त रहे। थोड़ी सी सावधानी व उचित प्रबंधन से वर्षा से होने वाले संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।