Breaking News

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कुमाऊं रेजिमेंट के कर्नल का पदभार संभाला     |   हमने ईरान के टॉप लीडर से बात की, अगर डील होती है तो ये अच्छी बात: डोनाल्ड ट्रंप     |   चीन के विदेश मंत्री ने UK PM स्टार्मर के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मुलाकात की     |   पुडुचेरी चुनाव 2026: ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस ने 18 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की     |   दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह की NDA के संसदीय दल के नेताओं के साथ बैठक शुरू हुई     |  

UP: बुर्का, मास्क या नकाब पहनने वालों को नहीं मिलेंगे गहने, सुरक्षा के मद्देनजर व्यापारियों ने लिया फैसला

UP: उत्तर प्रदेश ज्वैलर्स एसोसिएशन की स्थानीय इकाई ने शनिवार को सुरक्षा कारणों का हवाला दिया और नकाब, बुर्का, मास्क या हेलमेट पहने ग्राहकों को गहने बेचने पर रोक लगा दी। उन्होंने दावा किया कि ये फैसला कई जिलों में हुई चोरी, लूट और धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। ये कदम बिहार के पटना में ज्वेलरी व्यापारियों द्वारा उठाए गए इसी तरह के फैसले के बाद उठाया गया है।

वाराणसी ज्वैलर्स एसोसिएशन के महासचिव किशोर सेठ ने कहा, "पिछले दो वर्षों में सोने और चांदी की कीमतें बढ़ी हैं और आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हमने देखा है कि लोग हेलमेट पहनकर ज्वेलरी की दुकानों में आते हैं, चोरी करते हैं और हेलमेट पहनकर ही चले जाते हैं। इसीलिए एसोसिएशन ने बुर्का, मास्क, हेलमेट और हिजाब जैसे चेहरे को ढकने वाली चीजों के बारे में अलग-अलग इलाकों में एक कैंपेन चलाने की अपील की है।

उन्होंने कहा, "मैं किसी खास धर्म के खिलाफ नहीं हूं। हमारा कैंपेन ये है कि गहने खरीदने वाले किसी भी व्यक्ति को पहले अपनी पहचान बतानी चाहिए। चोरी के बाद पुलिस अक्सर सीसीटीवी में संदिग्धों की पहचान नहीं कर पाती, क्योंकि उनके चेहरे ढके होते हैं। इसीलिए हम ये अपील कर रहे हैं।"

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया और मीडिया में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां बुर्का पहने महिलाएं सीसीटीवी में ज्वेलरी की दुकानों से चोरी करते हुए पकड़ी गईं और चेहरे ढके होने की वजह से उनकी पहचान नहीं हो पाई।