Uttar Pradesh: दिव्यांगजनों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और ट्राईसाइकिल योजना असर दिखा रही है। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को स्वावलंबी बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत 2025-26 में 37 करोड़ रुपये की लागत से 15,000 रुपये तक के सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए। साथ ही मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की संख्या बढ़ाने के लिए दो करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी जारी की गई है।
रायबरेली के रहने वाले अशोक कुमार छोटी सी दुकान चलाते हैं। लेकिन उनका एक्सीडेंट में एक पैर कट गया था, जिसके चलते उन्हें अपनी आजीविका चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के तहत उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने के बाद, उनका कारोबार और तेजी से चल पड़ा है।
रायबरेली की ही रहने वाली जूही परवीन घर में ही सिलाई का काम करती हैं। लेकिन पैरों में परेशानी की वजह से कहीं भी आने - जाने में उन्हें काफी दिक्कत होती थी। जूही परवीन को ट्राई साइकिल योजना का लाभ मिला, जिससे अब वो आसानी से बाहर जाकर अपने सारे काम कर पाती हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज प्रदेश के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की नई पहचान मिली है। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर दिव्यांगजन अपनी जिंदगी को सशक्त और बेहतर बना रहे हैं।