उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालित होने वाली इमारत में भीषण आग लगने के कारण 14 लोगों की मौत होने की घटना सामने आई है। घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। सीएम ने सभी स्तरों पर सतर्कता बरतने और राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बचाव अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल शीर्ष मंजिल पर किसी के फंसे होने की सूचना नहीं है। दमकल कर्मियों ने पहली मंजिल पर प्रवेश करने के लिए एक दीवार तोड़ी है। इमारत में भारी धुआं भरा हुआ है, जिसके कारण कमरे-दर-कमरे तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी बच्चों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। मौके पर एंबुलेंस तैनात हैं और डॉक्टरों को भी बुलाया गया है। जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
ब्रजेश पाठक ने बताया कि घने धुएं के कारण दृश्यता काफी कम है, इसलिए अतिरिक्त एग्जॉस्ट फैन लगाए गए हैं। बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए एक दीवार तोड़कर वैकल्पिक रास्ते तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, हालांकि सटीक संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचने पर इमारत से घना धुआं निकल रहा था। स्थानीय लोगों ने 5 से 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घबराहट में एक व्यक्ति इमारत से कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ लोग अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं। 10 से 12 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि आग और धुएं की तीव्रता के कारण दमकल कर्मियों को अंदर पहुंचने में कठिनाई हो रही थी। फिलहाल दमकल विभाग की टीमें आग पर काबू पाने और इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।