उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट और मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में कुल 23 प्रस्तावों पर चर्चा और उन्हें मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इन प्रस्तावों में औद्योगिक विकास, शहरी नियोजन, शिक्षा सुधार और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे कई अहम मुद्दे शामिल हैं, जिनका सीधा प्रभाव राज्य के विकास और शासन व्यवस्था पर पड़ेगा।
इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव “उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025” का हो सकता है। यह योजना राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके लागू होने से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के करीब 10 प्रस्ताव इस बैठक में रखे जाने की संभावना है। इनमें बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और निवेश को आकर्षित करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तीन प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें शहरी विकास, नई आवासीय योजनाओं और स्मार्ट सिटी से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के प्रयास शामिल हो सकते हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा, जिसमें लिपिकीय संवर्ग के पुनर्गठन की योजना है। इस प्रस्ताव के माध्यम से शिक्षा विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों में कामकाज की गति तेज होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
कैबिनेट बैठक के साथ-साथ भाजपा संगठन के भीतर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में हुई प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में संगठन के विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पार्टी अब प्रदेश कमेटी के गठन के साथ-साथ निगमों, आयोगों और बोर्डों में कार्यकर्ताओं के मनोनयन की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप देने में जुट गई है। यह कदम संगठन में संतुलन बनाए रखने और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
रविवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर हुई कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के नामों पर मंथन किया गया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। करीब एक घंटे चली इस बैठक में प्रदेश कमेटी के महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्ष, मीडिया टीम और विभिन्न मोर्चों व प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के संभावित नामों पर चर्चा हुई।
बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि जिन कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान नहीं मिल पा रहा है या जिन्हें पदों से हटाया जा रहा है, उन्हें निगमों, बोर्डों और आयोगों में समायोजित किया जाए। इससे न केवल संगठन में असंतोष कम होगा, बल्कि अनुभवी कार्यकर्ताओं का उपयोग भी जारी रहेगा। हालांकि, प्रदेश स्तर पर तैयार की गई सूची पर अंतिम मुहर दिल्ली में लगाई जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बैठक के बाद संभावित नामों की सूची लेकर दिल्ली रवाना हो गए हैं। संसद सत्र चलने के कारण वे कुछ दिन वहीं रहेंगे और शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश संगठन और नियुक्तियों से जुड़ी सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
यह बैठक एक और वजह से चर्चा में रही कि इसे मुख्यमंत्री आवास के बजाय डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर आयोजित किया गया। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय नोएडा दौरे पर थे, जिसके चलते स्थान में बदलाव किया गया। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने फोन के माध्यम से मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी दी। इससे यह भी संकेत मिला कि पार्टी नेतृत्व के बीच निरंतर संवाद बना हुआ है।
इधर, प्रधानमंत्री के आगामी दौरे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह सक्रिय नजर आए। रविवार को वे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे और वहां लगभग तीन घंटे तक तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का लोकार्पण करने वाले हैं, जिसे लेकर प्रशासन और सरकार पूरी तैयारी में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम ने जनसभा स्थल, पंडाल, पार्किंग, हेलीपैड और आने-जाने के रास्तों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए और किसी भी स्थिति में आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करें और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल और अन्य सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने परियोजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत का एक प्रमुख हवाई केंद्र बनाने की योजना है, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
एक तरफ कैबिनेट बैठक में विकास और प्रशासन से जुड़े बड़े फैसलों की तैयारी है, तो दूसरी ओर भाजपा संगठन में भी बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। इससे साफ है कि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर सक्रियता बढ़ गई है। सूत्रों का मानना है कि आने वाले समय में पंचायत चुनाव, लोकसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए भाजपा संगठन को मजबूत करने और प्रशासनिक फैसलों को तेज करने की रणनीति पर काम कर रही है।