उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में किसान डायमोनियम फॉस्फेट यानी डीएपी की कमी से परेशान हैं। उनका ये भी कहना है कि इसी वजह से उर्वरक की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। डीएपी की कमी की वजह से कई जिले के कई डीएपी सेंटर पर किसानों में विवाद भी हो चुका है। इस बीच जिले के कृषि अधिकारी का दावा है कि कालाबाजारी और कीमत बढ़ने से रोकने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।
डीएपी का इस्तेमाल देश के ज्यादातर किसान करते हैं। क्योंकि डीएपी से नाइट्रोजन और फास्फोरस फसलों को मिलता है। खास तौर पर फसल बोने के कुछ दिनों बाद डीएपी का इस्तेमाल किया जाता है, इससे पौधों को मजबूती मिलती है।