संसद के विशेष सत्र के दौरान सरकार ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश कर दिए हैं, जिनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बड़े बदलाव शामिल हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोपहर 3 बजे सदन को संबोधित करने की उम्मीद है। बीजेपी की ओर से बहस की शुरुआत कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की। इस दौरान बंसुरी स्वराज, रक्षा खडसे, अपराजिता सारंगी, कंगना रनौत और धर्मशीला गुप्ता जैसे नेता भी संसद में उपस्थित रहे।
सरकार ने जिन तीन प्रमुख बिलों को पेश किया है, उनमें 2029 से लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए सीट आरक्षण का प्रस्ताव और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (सीमांकन) से जुड़ा बिल शामिल है। संविधान (131वां संशोधन) बिल और परिसीमन बिल को अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया, जबकि केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल अमित शाह ने सदन में रखा। विपक्ष ने इन प्रस्तावों पर चिंता जताई है, खासकर लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक करने और परिसीमन को लेकर। हालांकि विपक्ष महिला आरक्षण के जल्द लागू होने के पक्ष में है, लेकिन परिसीमन बिल का विरोध कर रहा है।
सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े संशोधन को पारित कराने की योजना है। इसके लिए लोकसभा में नियम 66 के प्रावधानों को निलंबित करने का प्रस्ताव भी लाया जा सकता है, ताकि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों को एक साथ पारित किया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही विपक्ष से इस विधेयक के समर्थन की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह देश की हर बहन और बेटी की इच्छा है और इसे सर्वसम्मति से पूरा किया जाना चाहिए।