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ऐसी दिल्ली बनाएंगे, जहां सपने देखने की आजादी हो और उन्हें पूरा करने के अवसर भी- सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्रसाल स्टेडियम से दिल्लीवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर गंभीरता से अमल कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली देश का ग्रोथ इंजन बन जाएगी। दिल्ली सरकार ऐसी दिल्ली बनाएगी, जहां सपने देखने की आजादी हो और उन्हें पूरा करने के अवसर भी। मुख्यमंत्री ने मजबूती के साथ कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण, परिवहन व्यवस्था आदि को विकास की मजबूत नींव बनाया जा रहा है। विकसित भारत की दहलीज पर पहला बड़ा कदम दिल्ली रखेगी और दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनेगी। 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राजधानी को ‘विकसित दिल्ली’ बनाने का विजन भी पेश किया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के नाते दिल्ली की जिम्मेदारी सामान्य नहीं हो सकती। दिल्ली केवल शासन का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना, सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक ऊर्जा और राष्ट्रीय आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए दिल्ली का विकास केवल दिल्लीवासियों का विषय नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। केंद्र और दिल्ली में एक ही विजन की सरकार होने का लाभ अब दिल्ली के विकास को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में दिल्ली के विकास के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत अलग विभाग बनाया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ कैपिटल डेवलेपमेंट जैसी संस्थागत व्यवस्था दिल्ली को विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में गेम चेंजर साबित होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली में ऐसा बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है, जो आज की जरूरत पूरी करने के साथ-साथ आने वाले दशकों की जरूरतों का भी अनुमान लगाए। इसी सोच के साथ कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और जीवन की गुणवत्ता को साथ लेकर काम किया जा रहा है। दिल्ली में 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें तैनात हो चुकी हैं और इनकी संख्या 12,000 तक ले जाने का लक्ष्य है। 9,000 ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा चुके हैं और इन्हें 32,000 तक बढ़ाने की योजना है। हम चाहते हैं कि दिल्ली ईवी बदलाव का मॉडल बने, जहां विकास की रफ्तार और पर्यावरण की सुरक्षा साथ-साथ चलेगी। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तीन नए स्वीकृत कॉरिडोर से मौजूदा नेटवर्क में करीब 47 किलोमीटर का विस्तार होगा।

उन्होंने दिल्ली की विरासत को विकास से जोड़ने की बात करते हुए कहा कि दिल्ली को आध्यात्मिक, चिकित्सा, विरासत, सांस्कृतिक और फूड टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपने को दिल्ली अपनी विरासत और पहचान के साथ विकसित दिल्ली बनकर आगे बढ़ाएगी। वह दिल्ली को सिर्फ सपनों की दिल्ली नहीं, बल्कि सपने पूरे करने वाली दिल्ली बनाना चाहती हैं। सरकार का वादा है कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब दिल्ली मॉडल को देश के दूसरे राज्य भी अपनाना चाहेंगे। यह छोटी महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन दिल्ली छोटी महत्वाकांक्षा के लिए बनी भी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली को विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश का अग्रणी प्रदेश बनाने का संकल्प लिया गया है। दिल्ली को केवल समस्याओं की नजर से नहीं, बल्कि अवसरों की नजर से देखने की जरूरत है। यहां प्रतिभा, उद्यम, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और तकनीक है। हमारी आकांक्षा ऐसी दिल्ली की है, जहां सपने देखने की आजादी हो और उन्हें पूरा करने के अवसर हों, जहां गरीब का बच्चा भी बड़ा सपना देख सके, महिला सुरक्षित हो, युवा सक्षम हो और बुजुर्गों का सम्मान हो। ऐसी दिल्ली केवल देश की राजधानी नहीं, बल्कि देश की उम्मीद बनेगी।

महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो दिल्ली और देश आगे बढ़ेगा

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने महिलाओं से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली की बेटियों और बहनों को 18 लाख से अधिक पिंक कार्ड जारी किए गए हैं। यह कार्ड ट्रांसजेंडर समुदाय के नागरिकों को भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार जल्द ही ‘दुर्गा योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत 1,100 महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा परमिट दिए जाएंगे।

उन्होंने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए पंजीकरण शुरू किया जा चुका है और इसकी पहली किश्त रक्षाबंधन पर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत पहले दो सप्ताह में ही 7 लाख 25 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली की 17 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली की बेटियों के लिए शुरू की गई ‘लखपति बिटिया योजना’ की भी जानकारी दी। योजना के परिपक्व होने पर शिक्षा पूरी करने के बाद लाभार्थी बेटी को 1 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि होली और दिवाली पर राशन कार्ड वाले परिवारों को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली होली पर करीब 13 लाख राशन कार्ड धारकों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए गए।

स्वच्छ-हरित दिल्ली व यमुना का पुनर्जीवन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले पांच वर्षों में दिल्ली का हर तरह का कूड़ा साफ करना है। इसमें केवल सड़कों का कूड़ा ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े भ्रष्टाचार, लालफीताशाही, पुराने और जटिल सिस्टम, प्रदूषण तथा कूड़े के पहाड़ भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यमुना की स्वच्छता भी उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में है। दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में पर्यावरण, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, शामिल है। इसी दिशा में पहली बार दिल्ली में ग्रीन बजट लाया गया है। इस वर्ष दिल्ली के कुल बजट का 21.44 प्रतिशत यानी 22,236 करोड़ रुपये ग्रीन बजट के लिए रखा गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण बड़ी चुनौती है, लेकिन केवल दोषारोपण से समाधान नहीं हो सकता। समाधान की दिशा में सरकार ने दिल्ली में 70 लाख पेड़-पौधे लगाने का निर्णय लिया है। अब तक 63 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। दिल्ली के कूड़े के पहाड़ छोटे हुए हैं और 75 एकड़ जमीन वापस प्राप्त की गई है। ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ अब अंतिम दिन गिन रहे हैं। सरकार ने कूड़े के पहाड़ों को दिल्ली से हटाने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यमुना की सफाई और उसके पुनर्जीवन को सरकार की शीर्ष नीति प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं, जिनमें से 28 को अपग्रेड किया जा चुका है। 27 नए ड्रेनेज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम शुरू हो चुका है, ताकि यमुना में गिरने वाले हर नाले को टैप किया जा सके। यमुना में प्रदूषण का एक कारण लाखों टन गोबर भी है, जो नालों के माध्यम से नदी तक पहुंचता था। इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार, नगर निगम और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ मिलकर कुल 600 टीपीडी क्षमता के कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों की दिशा में काम कर रही है। घोघा डेयरी में पहला बायोगैस संयंत्र शुरू किया गया है। जो कल तक कूड़ा था, वही आज ऊर्जा, ईंधन और रोजगार का अवसर है। उन्होंने ऐसी दिल्ली बनाने का संकल्प व्यक्त किया जो स्वच्छ, हरित और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित हो।

प्रधानमंत्री के विजन व केंद्र के सहयोग से दिल्ली के विकास को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली विकसित भारत की यात्रा में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र और दिल्ली में एक ही विजन की सरकार होने का लाभ अब दिल्ली के विकास को मिल रहा है और केंद्र सरकार, विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों, स्थानीय निकायों तथा दिल्ली सरकार के बीच स्थापित समन्वय से वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नई गति मिली है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक प्रतिष्ठा के अनेक नए आयाम स्थापित कर रहा है। विकसित भारत-2047 का राष्ट्रीय संकल्प आज प्रत्येक राज्य, प्रत्येक शहर और प्रत्येक नागरिक का संकल्प बन चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दिल्ली के विकास के प्रति उनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली विकसित भारत की यात्रा में अपनी अग्रणी भूमिका और अधिक प्रभावी ढंग से निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मिल रही वित्तीय सहायता का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने एसएएससीआई (एसएएससीआई) के तहत पिछले वर्ष दिल्ली को 542 करोड़ रुपये की राशि दी थी। इस वर्ष 2,638 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है, जिसमें से 1,840 करोड़ रुपये दिल्ली को प्राप्त हो चुके हैं। इस राशि से दिल्ली में 61 महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। यह वृद्धि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच मजबूत सहयोग और दिल्ली के विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसी डबल इंजन की तेज़ी और मजबूती विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में मेट्रो विस्तार के लिए केंद्र के सहयोग का भी उल्लेख किया। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में फेज-IV के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर और दीपाली चौक से मजलिस पार्क का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया गया। फेज-IV के शेष कॉरिडोर में जी ब्लॉक साकेत- लाजपत नगर, कुंडली-रिठाला और इंद्रलोक- इंद्रप्रस्थ को मंजूरी दी गई है। इन तीन कॉरिडोर से मौजूदा मेट्रो नेटवर्क में लगभग 47 किलोमीटर का विस्तार होगा। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि केंद्र सरकार के सहयोग और साझा विजन के साथ राजधानी को ऐसा शहर बनाया जाए जो आधुनिक विकास, बेहतर बुनियादी ढांचे और जीवन की बेहतर गुणवत्ता के साथ विकसित भारत की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाए।

अपनी ताकत सोशल मीडिया की स्क्रीन तक सीमित न रखें युवा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के युवाओं से अपनी प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली का युवा केवल नौकरी खोजने वाला युवा नहीं है, बल्कि वह नौकरी देने की क्षमता रखता है। आज का युवा तकनीक का केवल उपयोग नहीं करता, बल्कि तकनीक बनाता है और दुनिया से मुकाबला करने की क्षमता रखता है। भारत की अमृत पीढ़ी का युवा सवाल करता है, तकनीक समझता है, दुनिया से जुड़ा हुआ है और मानसिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता, नवाचार तथा सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों के प्रति संवेदनशील है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि अपनी ताकत को केवल सोशल मीडिया की स्क्रीन तक सीमित न रखें। अपने विचार को स्टार्टअप, रचनात्मकता को नवाचार, सवाल को शोध, संवेदनशीलता को सेवा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में लगाएं। भारत का युवा दुनिया से जुड़ा हुआ है, तकनीक को अपना रहा है और वैश्विक सोच रखता है, लेकिन इसके लिए उसे अपनी भारतीय पहचान छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। भारत का युवा दुनिया से जुड़ा हुआ है, तकनीक को अपना रहा है और वैश्विक सोच रखता है, लेकिन इसके लिए उसे अपनी भारतीय पहचान छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। विकसित दिल्ली का अर्थ अपनी पहचान को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना नहीं है। विकसित दिल्ली वह है, जो आधुनिक भी हो और अपनी जड़ों से जुड़ी भी हो। 

उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली का प्रण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में दिल्ली देश का अग्रणी प्रदेश बने। देश की राजधानी होने के कारण दिल्ली की विशेष जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी को दिल्ली का युवा उठाएगा। उन्होंने युवाओं से देश के लिए योगदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजादी दी और संविधान ने नागरिकों को अधिकार दिए। अब इन अधिकारों के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाना नागरिकों का कर्तव्य है। एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत के लिए काम करना अब सबकी जिम्मेदारी है।

बीमारी के समय गरीब को घर-जमीन न बेचनी पड़े, ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था बना रही सरकार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को ऐसी मजबूत नींव के रूप में विकसित कर रही है, जो आज की जरूरतों को पूरा करने के साथ आने वाले दशकों की आकांक्षाओं पर भी खरी उतरे। उनके लिए स्वास्थ्य का अर्थ केवल इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि गरीब परिवार को बीमारी के समय अपनी जमीन या घर न बेचना पड़े और बुजुर्ग को इलाज के लिए दर-दर न भटकना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य नवजात बच्चे को जीवन की शुरुआत में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना भी है। इसी सोच के साथ दिल्ली में पहली बार आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना लागू की गई है। इसके दायरे में 8.9 लाख लाभार्थी आए हैं। इनमें 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3.07 लाख से अधिक वय वंदना योजना कार्ड भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 417 आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं, जहां 80 प्रकार की जांच और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में पांच नए अस्पताल ब्लॉक भी पूरे किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 38 सरकारी अस्पतालों में हॉस्पिटल इन्फर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) लागू किया गया है। इसके अलावा करीब 4,500 पद सृजित किए गए हैं और 1,194 चिकित्सा कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। नवजात बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर शुरू की गई ‘अनमोल’ योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत नवजात शिशु के रक्त की केवल एक बूंद से 56 प्रकार की जांच निःशुल्क की जा रही है। इसका उद्देश्य जन्म के समय ही बच्चे में किसी कमी या बीमारी की पहचान करना है, ताकि समय पर उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब एक बच्चे का स्वास्थ्य सुरक्षित किया जा रहा है, तो उसके भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी भी सरकार की है। सरकार का लक्ष्य ऐसे मजबूत सिस्टम तैयार करना है, जो आज की जरूरतों को पूरा करें और आने वाले दशकों तक दिल्ली की आकांक्षाओं पर खरे उतरें।

स्कूलों और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीक व कौशल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे विस्तार और आधुनिकीकरण की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में 10 नए स्कूल शुरू किए गए हैं, जिनमें करीब 9,000 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाई जा रही है और 75 स्कूलों को सीएम श्री स्कूल के रूप में पूरी तरह सुसज्जित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 4,000 स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए गए हैं। इसके अलावा करीब 9,000 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं और इनकी संख्या बढ़ाकर 21,000 कक्षाओं तक करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 1,200 से अधिक आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं तथा हर स्कूल में कंप्यूटर लैब, एसटीईएम लैब, लैंग्वेज लैब, प्लेग्राउंड व डिजिटल लाइब्रेरी की की व्यवस्था की जा रही है। 

उन्होंने बताया कि 800 से अधिक स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 16,000 से अधिक कक्षाओं में पंखे और कूलर की व्यवस्था की गई है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 6,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एआई आधारित पर्सनलाईज्ड लर्निंग की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई अन्य पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में एनईईवी (NEEV) और राष्ट्रनीति जैसी पहल शुरू की गई हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं तथा कक्षा 9 की हर बच्ची को स्कूल आने-जाने की सुविधा के लिए साइकिल दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को बदलते रोजगार क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए 100 नए वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़ी शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।