अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर सीजफायर का ऐलान होने के बाद वॉशिंगटन में हलचल तेज हो गई है। राजधानी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठा हुए और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया है और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। कुछ लोगों ने इसे कमजोर कूटनीतिक कदम बताते हुए सरकार से पारदर्शिता की मांग की। वहीं किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए व्हाइट हाउस के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी संख्या में फोर्स को तैनात कर दिया गया है।
सीजफायर पर अमेरिका और ईरान के सहमत होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने का ऐलान कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक रास्ता खुलता नजर आ रहा है। उधर, इजरायल भी ईरान पर हमले रोकने के लिए राजी हुआ है। अब दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस्लामाबाद में बातचीत होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में कहा-मैं दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को स्थगित करने पर सहमत हूं। ट्रंप ने इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में सही कदम करार दिया।
ट्रंप ने कहा कि सीजफायर का फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ हुई बीतचीत के बाद लिया गया। ट्रंप ने साफ किया कि यह सीजफायर इस शर्त के साथ है कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलना होगा। ट्रंप ने इसे तनाव घटाने के लिए जरूरी कदम बताया।