वाराणसी में रविवार सुबह UP ATS के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित नक्सली संगठन TPC के वरिष्ठ नेता ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोकता की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, ब्रिजेश पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक साजिश, हथियारों से जुड़े अपराध और UAPA के तहत दर्ज 39 मामलों में वांछित होने का आरोप था। उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मोटरसाइकिल से जा रहा था नक्सली कमांडर
UP ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय के अनुसार, ब्रिजेश गंझू रविवार तड़के अपने एक साथी के साथ वाराणसी में रामनगर के रास्ते टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की ओर मोटरसाइकिल से जा रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे रोककर गिरफ्तार करने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि रुकने के बजाय ब्रिजेश ने वाहन से छलांग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद हुई मुठभेड़ में उसे गोली लगी। घटना रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान इलाके में हुई। घायल ब्रिजेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोलियां
मुठभेड़ के दौरान ब्रिजेश की ओर से चलाई गई गोलियां UP ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। पुलिस के मुताबिक, दोनों अधिकारी सुरक्षित हैं।
UP ATS के अधिकारियों ने बताया कि टीम काफी समय से ब्रिजेश की तलाश कर रही थी। वाराणसी में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की गई। मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी भी दी गई है।
39 मामलों में था वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ब्रिजेश गंझू के खिलाफ झारखंड के कई थानों में मामले दर्ज थे। इनमें सिमरिया, टंडवा, लावालोंग, सदर, पिपरवार, पत्थलगड्डा, मयूरहंड, गिद्धौर, हंटरगंज और वशिष्ठनगर थाना शामिल हैं।
उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, रंगदारी, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश, अवैध हथियार और विस्फोटक रखने समेत UAPA और CLA एक्ट के तहत आरोप शामिल थे।
पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ सबसे पुराने मामले 1996 से दर्ज होने की जानकारी है। बाद के वर्षों में भी उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
NIA ने भी घोषित किया था इनाम
पुलिस के मुताबिक, ब्रिजेश गंझू की तलाश राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी थी। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
झारखंड पुलिस के IG (ऑपरेशंस) और प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ने बताया कि IG (STF) से मिली सूचना के अनुसार, ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह रविवार सुबह वाराणसी में मुठभेड़ में मारा गया।
ब्रिजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालोंग थाना क्षेत्र के लुटू सोहावन गांव का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन TPC का कमांडर था, जिसे माओवादी आंदोलन से अलग हुआ संगठन माना जाता है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।